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शुक्रवार, 7 अगस्त 2009

गीतकार गुलशन बावरा का निधन


मेरे देश की धरती जैसे लोकप्रिय गीतों के रचयिता और जाने माने गीतकार गुलशन बावरा का आज दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया।

गीतकार की पड़ोसी मोनिका खन्ना ने बताया उनकी तबियत कई महीनों से ठीक नहीं थी। आज सुबह उन्हें बांद्रा स्थित उनके निवास पर दिल का दौरा पड़ा। उनके परिवार वाले दिल्ली में रहते हैं, जिन्हें सूचना दे दी गई है और वे मुंबई के लिए निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गुलशन बावरा की इच्छा थी कि उनकी शव को दान किया जाए इसलिए अंतिमसंस्कार नहीं होगा। उनकी शव को जेजे अस्पताल ले जाया जाएगा।

वर्तमान पाकिस्तान में जन्मे गुलशन बावरा विभाजन के बाद भारत आ गए थे। अपने 42 वर्षों के फिल्मी सफर में उन्होंने यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिंदगी, सनम तेरी कसम, अगर तुम न होते, आती रहेंगी बहारें और जीवन के हर मोड़ पर मिल जाएंगे हमसफर जैसे यादगार गीत लिखे। यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिंदगी गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। गुलशन के परिवार में उनकी पत्नी हैं।फ़िल्म सत्ते पे सत्ता के एक गीत प्यार हमे किस मोड़ पे ले आया में उन्होंने आर डी बर्मन के कहेने से कुछ बोलो को अपनी आवाज़ भी दी थी | कुछ फिल्मो में आप अपने ख़ुद के लिखे हुए गीतों पे थिरकते भी दिखे |

बॉलीवुड अपने इस साथी को हमेशा याद करता रहेगा |

मैनपुरी वासीयों का आपको नमन |


2 टिप्‍पणियां:

  1. gulshan baavraaji ka gana "deevane hain deevaanon ko na ghar chaahiye" jab bhi sunta hoon toh mere rongte khade ho jate hain
    ek mahaan aur gahre geetkaar ko haardik shraddhaanjali...
    ishwar unko paramshaanti pradaan kare...........

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