पूरे दिन में हमारे साथ जो जो होता है उसका ही एक लेखा जोखा " बुरा भला " के नाम से आप सब के सामने लाने का प्रयास किया है | यह जरूरी नहीं जो हमारे साथ होता है वह सब " बुरा " हो, साथ साथ यह भी एक परम सत्य है कि सब " भला " भी नहीं होता | इस ब्लॉग में हमारी कोशिश यह होगी कि दिन भर के घटनाक्रम में से हम " बुरा " और " भला " छांट कर यहाँ पेश करे |

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रविवार, 18 अगस्त 2019
शनिवार, 18 अगस्त 2018
शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
गुरुवार, 18 अगस्त 2016
मंगलवार, 18 अगस्त 2015
नेताजी रहस्य गाथा के ७ दशक
एक जमाना था जब 'मिशन नेताजी' से जुड़े श्री अनुज धर जी और मेरे जैसे उनके सभी साथी अक्सर बड़ी बेबसी से गुनगुनाया करते थे ... "कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले" !!
यह वो दौर था जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की गुमशुदगी से जुड़ी कोई भी ख़बर
कहीं भी पढ़ने या देखने को नहीं मिलती थी ... और अगर हम कुछ चुनिन्दा लोगो
को छोड़ दें तो किसी को इस बात की कोई परवाह भी नहीं थी कि भारत की आज़ादी के
इस महानायक के साथ आखिर हुआ क्या था और उस के लिए कौन जिम्मेदार था ...
नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करवाने की मांग तो भला करता ही कौन !?
पिछले दिनों जब नेताजी से जुड़ी २ फाइलें सार्वजनिक की गई तो जैसे हड़कंप सा
आ गया जबकि उन फाइलों मे केवल इतना ही छिपा था कि दो दशकों से ज्यादा समय
तक नेताजी के परिवार और उनके परिजनों पर गुप्तचर एजेंसियाँ द्वारा जासूसी
कारवाई गई और ऐसा तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कहने पर किया
गया |
जो लोग इस मुद्दे से जुड़े हुये है वो जानते है कि यह जानकारी
केवल 'हाथी की पुंछ' का बाल भर है पूरा हाथी तो अभी सामने आया भी नहीं| ऐसी
लगभग ६५ फाइलें है जिन मे इस साजिश का पूरा कच्चा चिठ्ठा लिखा रखा है |
ज़रा सोचिए अगर केवल २ फाइलों के सार्वजनिक होने पर भारतीय आज़ादी के इतिहास
की छवि बदलती दिख रही है तो सारी फाइलों के सार्वजनिक होने पर क्या होगा !?
RTI के माध्यम से और बाकी सूत्रों से काफी जांच पड़ताल के बाद अनुज धर जी ने इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में एक दशक से ज़्यादा समय लगा दिया कि आखिर नेताजी बोस के साथ हुआ क्या !?
RTI के माध्यम से और बाकी सूत्रों से काफी जांच पड़ताल के बाद अनुज धर जी ने इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में एक दशक से ज़्यादा समय लगा दिया कि आखिर नेताजी बोस के साथ हुआ क्या !?
'नेताजी रहस्य गाथा' एक विस्तृत खोज
है भारतीय राजनीती के सबसे लंबे समय तक चलने वाले विवाद की। दशको से
भारतवासी जानना चाहते हैं कि आखिर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को क्या हुआ।
क्या नेताजी एक विमान दुर्घटना में मारे गऐ थे, या रूस में उनका अंत हुआ या
फिर सन् 1985 तक वह, गुपचुप गुमनामी बाबा बनकर उत्तर प्रदेश रहे।
'नेताजी रहस्य गाथा' उनकी अंग्रेजी पुस्तक India's Biggest Cover-up का
हिंदी अनुवाद है। यह उन रहस्यमयी कड़ियों को जोड़ती है जो अब तक अनसुलझी रही
थी।
आज 18 अगस्त है ... 70 साल पूर्व आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस लापता हुये थे |
सन
1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की उस तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी
सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे
उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन
से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हित" का हवाला देते हुये हमेशा ही
दबाया गया है ... 'मिशन नेताजी' और इस से जुड़े हुये मशहूर पत्रकार श्री
अनुज धर ने काफी बार सरकार से अनुरोध किया है कि तथ्यो को सार्वजनिक किया
जाये ताकि भारत की जनता भी अपने महान नेता के बारे मे जान सके पर हर बार उन
को निराशा ही हाथ आई !
आज
इतने बरसो के बाद भी भारत सरकार ऐसा कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है
जिससे कि नेता जी के विषय में आम जनता को जानकारी मिले | यह केवल यही साबित
करता है कि भारत माता के इस लाल को एक सोची समझी साजिश के तहत इतिहास
के पन्नो में दफ़न किया जा रहा है | पर यह होगा नहीं
............................. हम भारत वासी चंद लोगो की साजिश के शिकार
नहीं होगे |
आज 18 अगस्त है ... 70 साल पूर्व आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस लापता हुये थे |
सन
1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की उस तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी
सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे
उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन
से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हित" का हवाला देते हुये हमेशा ही
दबाया गया है ... 'मिशन नेताजी' और इस से जुड़े हुये मशहूर पत्रकार श्री
अनुज धर ने काफी बार सरकार से अनुरोध किया है कि तथ्यो को सार्वजनिक किया
जाये ताकि भारत की जनता भी अपने महान नेता के बारे मे जान सके पर हर बार उन
को निराशा ही हाथ आई !
मेरा आप से एक अनुरोध है कि इस मुहिम का
हिस्सा जरूर बनें ... भारत के नागरिक के रूप मे अपने देश के इतिहास को
जानने का हक़ आपका भी है ... जानिए कैसे और क्यूँ एक महान नेता को चुपचाप
गुमनामी के अंधेरे मे चला जाना पड़ा... जानिए कौन कौन था इस साजिश के पीछे
... ऐसे कौन से कारण थे जो इतनी बड़ी साजिश
रची गई न केवल नेता जी के खिलाफ बल्कि भारत की जनता के भी खिलाफ ... ऐसे
कौन कौन से "राष्ट्र हित" है जिन के कारण हम अपने नेता जी के बारे मे सच
नहीं जान पाये आज तक ... जब कि सरकार को सत्य मालूम है ... क्यूँ तथ्यों को
सार्वजनिक नहीं किया जाता ... जानिए आखिर क्या है सत्य .... अब जब अदालत
ने भी एक समय सीमा देते हुये यह आदेश दिया है कि एक कमेटी द्वारा जल्द से
जल्द इस की जांच करवा रिपोर्ट दी जाये तो अब देर किस लिए हो रही है ???
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"मृतक
ने तुमसे कुछ नहीं लिया | वह अपने लिए कुछ नहीं चाहता था | उसने अपने को
देश को समर्पित कर दिया और स्वयं विलुप्तता मे चला गया |"
- 'महाकाल' 18/08/1945 - 18/08/2015 |
सोशल मीडिया के इस दौर मे कम से कम इतना तो आप कर ही सकते है कि इस मुद्दे को जगाए रहे !!
आज
इतने बरसो के बाद भी भारत सरकार ऐसा कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है
जिससे कि नेता जी के विषय में आम जनता को जानकारी मिले | यह केवल यही साबित
करता है कि भारत माता के इस लाल को एक सोची समझी साजिश के तहत इतिहास
के पन्नो में दफ़न किया जा रहा है | पर यह होगा नहीं
............................. हम भारत वासी चंद लोगो की साजिश के शिकार
नहीं होगे |

|| नेताजी जिंदाबाद ||
|| जय हिन्द ||
|| जय हिन्द ||
गुरुवार, 23 जनवरी 2014
बुधवार, 23 जनवरी 2013
नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की ११६ वीं जयंती पर विशेष
"मृतक
ने तुमसे कुछ नहीं लिया | वह अपने लिए कुछ नहीं चाहता था | उसने अपने को
देश को समर्पित कर दिया और स्वयं विलुप्तता मे चला गया |"
- महाकाल
(श्री Anuj Dhar जी की पुस्तक,"मृत्यु से वापसी - नेता जी का रहस्य" से लिए गए कुछ अंश)
"महाकाल" को ११६ वीं जयंती पर हम सब का सादर नमन ||
आज़ाद हिन्द ज़िंदाबाद ... नेता जी ज़िंदाबाद ||
जय हिन्द !!!
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