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गुरुवार, 20 दिसंबर 2012

क्या सच मे किसी को फर्क पड़ता है !!??


"कल तक सबको 'उस' के दर्द का अहसास था ;
आज सब को अपनी अपनी जीत का अभिमान है !!
कल जहां रेप पीड़ितों की सूची थी ...
उन्ही मेजों पर आज नए विधायकों की सूची तैयार है !!
किसी चैनल , किसी सभा मे 'उसके' बारे मे कोई सवाल नहीं है ;
बहुतों के तन पर नई नई खादी सजी है
तभी तो सफदरजंग के आगे पटाखों की लड़ी जली है ... 
बेगैरत शोर को अब किसी का ख्याल नहीं है !!
जो लोग रोज़ लोकतन्त्र को नंगा करते हो ... 
उनको एक महिला की इज्ज़त जाने का अब मलाल नहीं है !
'तुम' जियो या मारो ... 
किस को फर्क पड़ता है ... 
आओ देख लो अब यहाँ कोई शर्मसार नहीं है !!
दरअसल 'तुम्हारी' ही स्कर्ट ऊंची थी ... 
'इस' मे 'इनका' कोई दोष नहीं ...
"जवान लड़की को सड़क पर छोड़ा ... 
क्या घरवालों को होश नहीं"
"लड़का तो 'वो' भोला था ... 
यह सब चाउमीन की गलती है ... 
वैसे एक बात बताओ लड़की घर से क्यों निकलती है ??"
चलो जो हुआ सो हुआ उसको भूलो ...
भत्ते ... नौकरी सब तैयार है ...
बस 'तुम' मुंह मत खोलो ...
तुम्हारी चीख से मुश्किल मे पड़ती सरकार है ...
अगली जीत - हार के लिए इनको तुम्हारी दरकार है ...
गुजरात - हिमाचल से निबट लिए  ...
अब दिल्ली की बारी है ...
चुनावी वादा ही सही पर यकीन जानना ...
दोषियों को छोड़ा न जाएगा यह मानना ...
हम सब तुम्हारे साथ है डरना मत ...
पर बिटिया अंधेरे के बाद घर से निकलना मत ...
अंधेरा होते ही सब समीकरण बदल जाते है ...
न जाने कैसे ...
हमारे यह रक्षक ही सब से बड़े भक्षक बन जाते है ...
कभी कभी लगता है यह वो मानवता के वो दल्ले है ...
जिन्होने हर चलती बस - कार मे ...
खुद अपनी माँ , बहन , बीवी और बेटी ...
नीलाम कर रखी है !!

 -स्वरचित

शनिवार, 15 दिसंबर 2012

वो कलम अब तलवार नहीं रही ...

"वो कलम अब तलवार नहीं रही ...
उस की लेखनी मे अब वो आग नहीं रही ...
जो कहते है मैंने कल क्रांति की थी ...
उनमे आज वो बात नहीं रही !"


- स्वरचित

बुधवार, 24 अक्टूबर 2012

आओ फिर दिल बहलाएँ ... आओ फिर दशहरा मनाएँ ...

आज ब्लॉग बुलेटिन पर पोस्ट लगाते हुये जब शीर्षक लिखने की बारी आई तो अपने आप ही एक लय मे कुछ शब्द मन मे आ गए ... आप भी देखिये और बतायें इनको क्या नाम दूँ !

"आओ फिर दिल बहलाएँ ... 
आज फिर रावण जलाएं ... 
आज फिर हम राम बन जाएँ ... 
कल फिर एक सीता हर लाएँ ... 
आओ फिर दिल बहलाएँ !"
आप सब को दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

ब्लॉग आर्काइव

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