सदस्य

 

28/12 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
28/12 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 28 दिसंबर 2013

फारुख शेख नहीं रहे ...

फ़ारुख़ शेख़ (२५ मार्च १९४८ - २८ दिसम्बर २०१३)
65 साल के सहज एवं विनम्र बॉलीवुड अभिनेता फारुख शेख का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अपनी बीवी और दो बेटियों के साथ वह दुबई छुट्टियां मनाने गए थे और यहीं उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। फारुख शेख के निधन का समाचार सुनकर पूरा बॉलीवुड सदमे में हैं।

अभिनेता फारुख शेख 1970-80 के दशक की अपनी फिल्मों के लिए ज्यादा जाने जाते हैं। अपने समय के चोटी के निर्देशकों के साथ उन्होंने काम किया है। गर्म हवा, शतरंज के खिलाड़ी, उमराव जान, चश्मे-बद्दूर, लोरी, बाजार, अब इंसाफ होगा उनकी अहम फिल्में हैं। इस साल उन्होंने ये जवानी है दीवानी और क्लब 60 फिल्मों में काम किया।

फारुख शेख ने कई टीवी सीरियल्स में भी काम किया है। वह थियेटर जगत में भी बड़ा नाम हैं। लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक 'जीना इसी का नाम है' से इन्होंने ढेरों सुर्खियां बटोरी। 

फ़ारुख़ का जन्म मुम्बई के एक वकील मुस्तफ़ा शेख और फ़रिदा शेख के एक मुसलमान परिवार में जो बोडेली कस्बे के निकट नसवाडी ग्राम के निकट बड़ोदी गुजरात के अमरोली में हुआ। उनके परिवार वाले ज़मिंदार थे और उनका पालन पोषण शानदार परिवेश में हुआ। वो अपने घर के पाँच बच्चो में सबसे बड़े थे।
वो सेंट मैरी स्कूल, मुंबई में पढ़ने गये और बाद में सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई गये। उन्होंने कानून की पढ़ाई सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ़ लॉ में पूर्ण की।

 फारुख शेख साहब को हम सब की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि |

ब्लॉग आर्काइव

Twitter