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शनिवार, 18 जुलाई 2009

शुक्रवार को सेंसेक्स ने फिर लगाई लंबी छलांग


दो दिन दौड़ने के बाद सेंसेक्स ने बीते सत्र में थकान मिटाई। इसके बाद शुक्रवार को इसने 494.67 अंकों की जोरदार छलांग लगाई। इस दिन 3.47 फीसदी की तेजी दर्ज करने वाला बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का यह सूचकांक 14744.92 अंक पर बंद हुआ। यह इसका दो हफ्तों का उच्चतम स्तर है। भारतीय कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजों में खासे सुधार की उम्मीद में निवेशकों ने जमकर लिवाली की। वित्तीय क्षेत्र में सुधार और बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने की खबरों ने भी तेजड़ियों को दलाल स्ट्रीट में हावी होने का मौका दे दिया।

इस सप्ताह के दो सत्रों में 853 अंक से ज्यादा की तेजी दर्ज करने के बाद गुरुवार को सेंसेक्स ठिठककर 14250.25 अंक पर बंद हुआ था। इस हफ्ते सेंसेक्स में आए 9.18 फीसदी के उछाल ने बीते सप्ताह के 9.5 फीसदी के नुकसान की लगभग भरपाई कर दी है। इसी प्रकार नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 143.55 अंक यानी 3.39 फीसदी उछलकर 4374.95 पर बंद हुआ। एक दिन पहले यह 4231.40 अंक पर था। दो हफ्ते तक भारी बिकवाल रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों [एफआईआई] ने भी अचानक भारी लिवाली कर बाजार की तेजी को सहारा दिया। देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश से भी दलाल स्ट्रीट के निवेशक झूम उठे। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी. चक्रबर्ती के मुताबिक केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को नीचे और स्थिर बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। इसने भी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। विश्लेषकों के मुताबिक विश्व भर में निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। आगे बेहतर माहौल की उम्मीद में वे जोखिम उठाने को तैयार हैं। कंपनियों की बेहतर कमाई की उम्मीद में दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी आई है। वाल स्ट्रीट लगातार चौथे दिन बढ़त पर बंद हुई। इससे भी एशियाई व घरेलू बाजार की धारणा में मजबूती आई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 14325.58 अंक पर मजबूत खुला। सत्र के दौरान यही इसका सबसे निचला स्तर रहा। इसके बाद लिवाली के तूफान में सूचकांक उड़ते हुए सत्र के उच्चच्म स्तर 14800.70 अंक तक जा पहुंचा, हालांकि यह थोड़ा नीचे आकर बंद हुआ। लिवाली के जोर में बीएसई के सभी वर्गो के सूचकांक तेजी पर रहे। इसका सबसे ज्यादा फायदा आटो कंपनियों को मिला। इस वर्ग का सूचकांक 5.16 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। बैंकिंग, आईटी, टेक्नोलाजी, रीयल एस्टेट, पीएसयू कंपनियों से जुड़े सूचकांकों में भी खासी तेजी दर्ज की गई। चौतरफा लिवाली के माहौल में विदेशी संस्थागत निवेशकों [एफआईआई] ने अपना ध्यान स्मालकैप व मिडकैप शेयरों की खरीद में लगाया। इससे मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक क्रमश: 2.31 व 2.44 फीसदी उछल गए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में केवल 3 के शेयर मामूली नुकसान पर रहे, बाकी सभी फायदे में बंद हुए। इस दिन बीएसई में कुल 6653.58 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

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