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सोमवार, 19 अक्तूबर 2009

..तो थोड़ी-थोड़ी पिया करो


फेस्टिव सीजन चल रहा है। मूड भी कुछ एनजॉय करने का है। ऐसे में पीने वाले भला कहां पीछे रहेंगे। डॉक्टर्स और एक्सपर्ट कितना भी कहें थोड़ी-थोड़ी पिया करो, पर जिनकी शाम मय के साथ बीतती है उन्हें इसकी परवाह कहां। पर इतना जान लीजिए कि हर कोई 'गालिब' नहीं होता। इसलिए कुछ बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। मसलन क्या पिएं, कितना पिएं, डाइट क्या हो? साथ ही साथ पीने की कुछ तहजीब और सलीका भी है, इसे ही तो कहते हैं पीना इसी का नाम है।
  सभी जगह दीवाली से पहले नया कोटा आ गया और ब्रांड्स की भी कोई कमी नहीं है। कुछ जगह तो दीवाली के बाद के लिए भी एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी थी। कुछ बार अलग अंदाज में फेस्टिव सीजन सेलीब्रेट करने जा रहे हैं। मसलन संगीत का मजा और आपकी गैदरिंग के अनुरूप जगह।
 
पैग 50 एमएल

वैसे बार में पैग के मानक तय हैं स्माल पैग 25 एमएल और लार्ज पैग 50 एमएल का। ध्यान रहे छोटे और बड़े पैग आप अपनी सेहत, उम्र और आदत के अनुसार चुन सकते हैं। इधर बात करें तो सिटी में मैकडाउल, रम, बोदका, जिन, सिगनेचर, रेड बोदका और ब्लंडर्स स्प्राइड, टीचर्स जैंसे ब्राड खूब पसंद किए जा रहे हैं।
 
तहजीब और सलीका

अब बात पीने पिलाने के सलीके की। कहां पी रहे हैं, किस तरह पी रहे हैं इन बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। ड्रिंक्स लेते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आप अपनी कैपिसिटी क्रास न करें, यानि 'अब बस' कहना आना चाहिए। दूसरी बात, डि्रंक्स लेते वक्त स्मोकिंग कर रहे हैं तो ध्यान दें कि साथ में दूसरे लोग भी बैठे हैं। इससे दूसरे को प्रॉब्लम हो सकती है। अगर पीने के बाद बहक जाने की 'बीमारी' है तो भीड़ भाड़ में पीने से बचें और पीने का अंदाज 'होल्ड द ड्रिंक' वाला हो, बोले तो 'हौले-हौले' 'आहिस्ता आहिस्ता'।

'ड्रिंकिंग इज इंज्यूरियस फॉर हेल्थ' शराब के बावत डाक्‌र्ट्स की पहली राय यही है। यानि जितना हो इससे बचा ही जाए। और जो कहीं पीना ही पडे़ तो कुछ बातों का ख्याल रखें। डॉक्टर के अनुसार ड्रिंकिंग के साथ कुछ रूल्स फालो करेंगे तो शराब का सूरूर तो पूरा मिलेगा ही, इसके साइड इफेक्ट्स कम से कम सामने आएंगे। इस बावत दून हॉस्पिटल के सीनियर फिजीशियन डॉ. केपी जोशी कुछ टिप्स दे रहे हैं, अगर आप पीने पिलाने वालों की कैटगरी में आते हैं तो ये सुझाव खास आपके लिए हैं।
 
आइडियल पैक्स

डॉ. केपी जोशी बताते हैं कि शराब के 20 एमएल के दो पैग ही लिए जाने चाहिए। इससे ज्यादा शराब का सेवन हार्मफुल होता है और उसके कई साइड इफैक्ट भी सामने आते हैं। वहीं एक शोध में यह बात सामने आई है कि रेड वाइन अगर संतुलित मात्रा में ली जाए तो बुढ़ापे का असर कुछ देर से दिखेगा।
 
आइडियल डाइट

अगर शराब का सेवन कर रहे हैं तो प्रॉपर डायट लिया जाना जरूरी है। ऐसे में ड्रिं‌र्क्स को प्रोटीनयुक्त डाइट जरूर लेनी चाहिए। ऐसी डाइट लें जिसमें सलाद की पूरी मात्रा हो। नॉन वेजिटेरियन चिकन-मटन यूज कर सकते हैं।
 
साइड इफेक्ट

जरूरत से ज्यादा शराब पीने से पेट में जलन, गैस के साथ ही उल्टी की प्रॉब्लम हो सकती है। ज्यादा ड्रिंक करने से पेट में अल्सर की भी प्रॉब्लम हो सकती है। इसके साथ ही एल्कोहॉलिक लीवर डिजीज हो सकती हैं।

2 टिप्‍पणियां:

  1. शिवम् मिश्रा जी, पीने वाले कहां हिसाब रखते है? ओर फ़िर जब महफ़िल जम जाये दो पिय्यक्डो की तो कोन बोतल गिनता है, २५, ५० एम एम तो भुल ही जाओ, भाई हम ने खुब पी, हर तरह की पी,मानो या ना मानो एक रात मै एक लीटर एक आदमी ने खत्म की लेकिन कभी बतमीजी नही कि... ओर फ़िर एक दिन अचानक छोड दी... वेवफ़ाई नही की , कभी कभार साथ देने के लिये एक आध पेग डाल लेते है महफ़िल मै ओर उसे बस होटों तक ले जाते है, ओर फ़िर अन्त मै छोड आते है..
    लेकिन एक बात पीने वाला जो दिल से पीयेगा कभी नाप कर नही पीयेगा, बहुत सुंदर लेख लिखा,नशा हमेशा नाप कर पीने वाले को होता है या जो जल्द जल्द पीये उसे, पीने के संग खुब खायो..
    धन्यवाद, अभी मझे फ़िर से नशा होने लग गया है...राम राम जी की

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  2. शिवम भाई,
    क्या किसी बार-टेंडर से दोस्ती कर ली है क्या...पैमाने की सटीक मात्रा तक बताने लगे हैं...या फिर विजय माल्या ने आपको नया ब्रैंड अंबेसडर तो नहीं बना लिया है...खैर ये तो रही मज़ाक की बात...आप गाड़ी को ड्राइव करते रहें तो ठीक...और अगर गाड़ी आपको ड्राइव करने लगे तो दिक्कत होगी..

    जय हिंद...

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