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Thursday, April 29, 2010

कुत्तों में होती है इंसानी जज्बात की समझ


आपकी भावनाओं को आपका प्यारा कुत्ता बखूबी समझता है। न्यूजीलैंड के ओटागो विश्वविद्यालय में किए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 90 डनेडिन कुत्तों की जांच की। उन्हें हंसते हुए और रोते हुए बच्चो की तस्वीरें दिखाई गईं और उन्हें खुशी और कड़े भावाव्यक्ति वाले निर्देश दिए गए।

शोधकर्ता टेड रफमैन ने बताया कि कुत्तों की प्रतिक्रिया से ये संकेत मिले कि वे आनंद में डूबे व्यक्ति और गमगीन व्यक्ति के बीच के अंतर को एवं हंसी और रोने के फर्क को पहचान सकते हैं।

रफमैन ने कहा कि हम जानते हैं कि कुत्ते इंसानी हाव भाव को समझने में कुशल होते हैं। उन्होंने पाया कि कुत्तों को जच् बच्चे की रोने की आवाज आई तो वे टेलीविजन के पीछे उस नवजात शिशु के पास पहुंचे, उसके सर को सहलाया और अपना लगाव दिखाया।

उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि वे इंसानी जज्बात को समझने में भी निपुण होते हैं |


अपनी राय जरूर दे इस विषय में ! मेरा खुद का अनुभव भी यही कहता हैं कि कुत्ते अपने मालिक कों बखूबी समझाते हैं | वह इस का बड़ी सटीक तरह से अंदाज लगा लेते हैं कि कब उनके मालिक का मूड ख़राब हैं और कब अच्छा !

4 comments:

  1. सही फ़रमाया ।
    कई मायने में कुत्ते आदमियों से ज्यादा समझदार भी होते हैं।
    काम , क्रोध , मद , लोभ की बीमारी कुत्तों में नहीं होती।

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  2. भाई मेरे पास एक कुत्ता है करीब आठ साल से, जो सब कुछ समझता है, दुख सुख, डांट ओर प्यार, इस के अलावा वो मेरा छोटा मोटा समान भी ऊठाता है, जेसे बरसात के बन्द होने के बाद मेरा छाता बडे समान से घर लाता है, बस बोल नही पाता, मेरे बीमार होने पर मेरे को एहसास भी करवाता है कि वो भी उदास है, ओर चु चू कर के जेसे प्राथना कर रहा हो, आप ने सही फ़रमाया.धन्यवाद

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  3. इन वफादार जीवों से हमें भी बहुत प्यार है!

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आपकी टिप्पणियों की मुझे प्रतीक्षा रहती है,आप अपना अमूल्य समय मेरे लिए निकालते हैं। इसके लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

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