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सोमवार, 26 अप्रैल 2010

एलियंस हैं, लेकिन संपर्क की कोशिश न करें !!


क्या इंसानों के अलावा भी अंतरिक्ष में जीवन है? जी हां है। यह मानना है दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक और विचारक स्टीफन हाकिंग का। लेकिन साथ ही वह यह भी कहते हैं कि मनुष्यों को एलियंस [अंतरिक्ष जीव] के साथ संपर्क करने की कोशिश नहीं करना चाहिए।

'डिस्कवरी' चैनल द्वारा बनाई गई एक डाक्युमेंट्री में हाकिंग ने कहा कि नि:संदेह एलियंस हैं। इस डाक्युमेंट्री में हाकिंग ने ब्रह्मांड के कई रहस्यों पर से परदा उठाया है।

संडे टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हाकिंग इस बात के प्रति आश्वस्त हैं कि एलियंस हैं। खास बात यह कि वह सिर्फ ग्रहों पर ही अंतरिक्ष जीवों की संभावना को नहीं स्वीकारते, बल्कि सितारों और अंतरिक्ष में दो ग्रहों के बीच विस्तृत खाली आकाश में भी इनकी मौजूदगी बताते हैं।

अंतरिक्ष में जीवन को लेकर हाकिंग का तर्क बहुत सरल है। वह कहते हैं कि करीब सौ अरब आकाशगंगाएं हैं और उनमें खरबों सितारे हैं। ऐसी स्थिति में सिर्फ पृथ्वी ग्रह पर ही जीवन हो, यह संभव नहीं हो सकता।

68 वर्षीय हाकिंग कहते हैं, 'गणितीय आधार पर विचार करने वाले मेरे मस्तिष्क में एलियंस के होने का खयाल बहुत स्पष्ट है। हमारे सामने असली चुनौती यह जानना है कि आखिर एलियंस हैं कैसे?'

इसका जवाब भी वैसे हाकिंग देते हैं। उनके अनुसार ये जीव मुख्य रूप से अत्यंत सूक्ष्म [माइक्रोब्स] या फिर सीधे-सादे पशु हो सकते हैं। इनमें अधिकांश पृथ्वी के इतिहास में मिलने वाले जीवों की तरह होंगे। डाक्युमेंट्री में इन अंतरिक्ष जीवों को दो पैरों वाले शाकाहारी के रूप में दिखाया गया है, जिन्हें पीले छिपकली जैसे उड़ने वाले जीव लपक लेते हैं। एक अन्य दृश्य में समुद्र में रहने वाले चमकदार फ्लोरोसेंट रंगों के जीव में दर्शाया गया है।

यद्यपि यह काल्पनिक है, परंतु हाकिंग ने इनके माध्यम से एक गंभीर बात कही है। उनके अनुसार कुछ अंतरिक्ष जीव अत्यधिक बुद्धिमान हो सकते हैं और मनुष्यों के लिए खतरा बन सकते हैं। उनका मानना है कि ऐसे जीवों के साथ संपर्क मानव सभ्यता पर संकट ला सकता है। वह कहते हैं कि ऐसे जीव पृथ्वी पर हमला करके यहां के संसाधनों पर कब्जा कर सकते हैं।

हाकिंग की मानें, तो हमें सिर्फ अपनी सभ्यता पर ध्यान देना चाहिए। वह कहते हैं, 'मैं कल्पना करता हूं कि वे [एलियंस] बड़े-बड़े अंतरिक्ष यानों में हैं और अपने ग्रह के सारे संसाधनों का उपभोग कर चुके हैं। ऐसे जीव खानाबदोश बन कर दूसरे ग्रहों की तलाश में हो सकते हैं और उन्हें जीत कर अपना घर बना सकते हैं।'

5 टिप्‍पणियां:

  1. jaankaari ke liye dhanyawaad...

    http://dilkikalam-dileep.blogspot.com/

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  2. मैं कल्पना करता हूं कि वे [एलियंस] बड़े-बड़े अंतरिक्ष यानों में हैं और अपने ग्रह के सारे संसाधनों का उपभोग कर चुके हैं। ऐसे जीव खानाबदोश बन कर दूसरे ग्रहों की तलाश में हो सकते हैं और उन्हें जीत कर अपना घर बना सकते हैं।'

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  3. 'मैं कल्पना करता हूं कि वे [एलियंस] बड़े-बड़े अंतरिक्ष यानों में हैं और अपने ग्रह के सारे संसाधनों का उपभोग कर चुके हैं। ऐसे जीव खानाबदोश बन कर दूसरे ग्रहों की तलाश में हो सकते हैं और उन्हें जीत कर अपना घर बना सकते हैं।'
    Ye to aapne manushyon kee baat kar dee. aakhir cancer ke rog aur manushyon me kya fark hai?

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