सदस्य

नयी पोस्ट की जानकारी लें ईमेल से

 

Friday, July 16, 2010

समीर लाल , धीरू सिंह , शिवम् मिश्रा जैसे लोगो का अब क्या होगा ??


समीर भाई और धीरू भाई ............कहाँ हो आप लोग ??

एक बहुत ही बुरी खबर लाया हूँ !!

मेरे और आप के जैसे लोगो के लिए इस से ज्यादा बुरी और दुखद खबर कोई और नहीं हो सकती !

मेरा तो दिल ही टूट गया है जब से यह खबर मिली है !!
आप लोगो का भी यही हाल होगा .............जानता हूँ................... पर बात को आखिर कब तक पेट में लिए बैठा रहू ??

सो यहाँ आ गया ताकि आप सब के साथ अपना दुःख बाँट सकू !

जानना चाहा रहे है ना आखिर किस बात पर इतना बवाल कर रहा हूँ ................ बताता हूँ |


अब तक कहीं भी जाता था तो बस टैक्सी या ऑटो की सवारी ले लेता था .............आप दोनों भी यही करते रहे होगे ..............है ना ?? जो मीटर हुआ दे दिया शान से ..........है कि नहीं ...............?? कहीं कोई दिक्कत नहीं आती थी ..........पर अब ऐसा नहीं होने वाला ! सुख भरे दिन बीते रे भैया अब दुःख आयो रे !!

एक नया मीटर गया है ...................साला सवारी के वजन के हिसाब से चलेगा !! :-(
मतलब समझे ................हम में से कोई भी जब किराया पूछेगा तब जवाब मिला करेगा ...............२० रूपया किलो के हिसाब से चलेगे बाबु जी !!

झेल सकोगे ........................??

अरे अंकल ....................किराया नहीं ...................यह जवाब झेल सकोगे ??

दिल टूट के बिखर ना जायेगा .....................?? :-(

क्या कहा हो नहीं सकता ...............तो क्या मैं झूट बोल रहा हूँ ......................?? मत मानो ..... बाद में मत बोलना कि बताया नहीं !!

वैसे पूरी जानकारी भी दे रहा हूँ ऐसे ही हवा में लम्बी लम्बी नहीं छोड़ रहा हूँ ...............पढ़ते रहो आगे.... !!
-------------------------------------------------------------------------------------------------------

जो मोटे लोग टैक्सी में चलना चाहते हैं, वे अपना वजन घटाना शुरू कर दें। श्रीलंका में ओपन यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग के एक छात्र ने ऐसा टैक्सी मीटर बनाने का दावा किया है, जो दूरी की बजाय सवारी के वजन के हिसाब से टैक्सी का भाड़ा बताएगा। इस छात्र का नाम है कालिंदु सिरीवारदेने।

कालिंदु का दावा है कि उसने जो टैक्सी मीटर बनाया है, वो यात्रा में लगने वाले समय, सड़क की हालत और मुसाफिर के सामान समेत वजन के आधार पर भाड़ा बताएगा।

उन्होंने कहा कि दूरी के हिसाब से भाड़ा बताने वाले मौजूदा टैक्सी मीटरों से अक्सर मुसाफिरों या चालक को नुकसान होता है।

उसका कहना है कि नए मीटर के इस्तेमाल से किसी को नुकसान नहीं होगा और मुसाफिरों को वाजिब भाड़ा ही देना होगा। लेकिन उन्होंने कहा कि अधिक वजनदार सामान लेकर चलने वाले और पहाड़ी इलाके में सफर करने वालों को अधिक किराया देना पड़ेगा।

उन्होंने बताया उनका आविष्कार बौद्धिक संपदा कानून [इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी एक्ट] के तहत पंजीकृत है और वह विश्वव्यापी बौद्धिक संपदा संगठन [व‌र्ल्डवाइड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन] के तहत पंजीयन के लिए जल्द ही आवेदन करेंगे।

-------------------------------------------------------------------------------------------------------

बोलिए क्या हुआ ?? लग गया ना जोर का झटका धीरे से ?? तो आइये मिल कर रोते है अपने मोटापे के नाम पर ! यह तो गनीमत है कि अभी कुछ दिन है अपने हाथ में .........यहाँ भारत में अभी नहीं ना आया है यह मीटर !! कुछ जुगाड़ लगाया जाए कि या तो हम लोग एक दम स्लिम ट्रिम हो जाए या यह मीटर यहाँ ना आने पाए ! आप क्या कहते है ??

38 comments:

  1. हम त टैक्सी वाला के साथ हैं… ट्रक का सअवारी जब टैक्सी में घूमेगा त एही होगा... बहुत हो गया अत्याचार तैक्सी वाला पर... कम से कम अब हमरा जईसा डेढ पसली वाला आदमी को तो कम भाड़ा देना पड़ेगा... समीर बाबू का त अपना गाड़ियो लैंड क्रूजर है, उनका साईज के हिसाब से... टैक्सी में त उनको दू गो टैक्सी लगेगा... धीरू बाबू अऊर आपका बारे में त पते नहीं है... लेकिन हमरे लिए त दुःख भरे दिन बीते रे भईया अब सुख आयो रे... हाफ़ टिकट में दिल्ली दर्सन!! सिवम बाबू हमरा तरफ से मिठाई खा लीजिएगा ई खुस खबरी के लिए!!

    ReplyDelete
  2. :) :)...बहुत मुश्किल हो जायेगी....

    ReplyDelete
  3. मुझे तो अपनी चिंता होने लगी..आज ही तौला था खुद को...पूरे 102 किलो बताया कांटे ने :-(
    लगता है वर्जिश चालू करनी पड़ेगी

    ReplyDelete
  4. अईसा हो जाए तो फ़िर तो देव बाबा का भला हो जाए.... जल्दी से अईसा कुछ कानून में इन्क्लूड करवाओ भैया...

    ReplyDelete
  5. .
    खाते पीते लोगों से सभी जलते हैं ।
    ऎसा होगा तो गाड़ी उधार माँगनें वालों की बन आयेगी !

    ReplyDelete

  6. अपनी नीति के विरुद्ध जाने के लिये शर्मिंदा हूँ,
    पहले देखा ही नहीं कि मॉडरेशन लगा रक्खा है ।
    मुझे खेद है , आइँदा ध्यान रहेगा ।

    ReplyDelete
  7. मुझे कुछ नहीं करना होगा बस्स पत्नी के साथ चलना होगा, दोनों का वजन मिलाकर एवरेज ठीक रहेगा. आप लोग अपनी सोचो.

    ReplyDelete
  8. स्लिमिंग पिल्स का सहारा है।

    ReplyDelete
  9. आज से दौड़ना शुरू कर दो नहीं तो सुना है सरकार भी एक कानून ला रही है....सड़कों पर गड्ढे क्यों पड़ते हैं ..रोड टैक्स अधिक किस से लिया जाये , अपने दोस्तों से भी चर्चा कर लेना !
    शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  10. हमारा तो फायदा हो गया ...!

    ReplyDelete
  11. हमे मालूम था एक दिन यह तो होना ही है। इसलिए 103 किलो से 82पर आ गये। चलो कुछ किराया तो बचेगा।

    इसलिए हम तो फ़ायदे में ही हैं।:)

    ReplyDelete
  12. भाई हमें कोई खतरा नहीं अब तक तो इतना वजन बढ़ाया ही नहीं जो डरें |
    हाँ धीरू सिंह जी को अब अपनी टाटा सफारी से ही घर से बाहर निकलना पड़ेगा :)

    ReplyDelete
  13. भैया अब जो किराया देना पड़े वो देंगे। क्‍या करे घूमने से सड़क टूट जाती है लेकिन वजन का कांटा नहीं हिलता। टेक्‍सी वाले भी यही मीटर लगाएंगे क्‍या?

    ReplyDelete
  14. मोटे महाराज लोगों को सुबह स्लिमिंग पिल्स लेकर खूब दौड़ लगाना चाहिए ...वरना वजन अधिक होने पर ऑटो वाला अधिक ढुलाई ले लेगा,,,, हा हा

    ReplyDelete
  15. मोटे महाराज लोगों को सुबह स्लिमिंग पिल्स लेकर खूब दौड़ लगाना चाहिए ...वरना वजन अधिक होने पर ऑटो वाला अधिक ढुलाई ले लेगा,,,, हा हा

    ReplyDelete
  16. एक तो मोटापा ऊपर से ई तकलीफ-----राम राम

    ReplyDelete
  17. बहुत ही नाइन्साफ़ी है . लेकिन प्यार किया तो डरना क्या ...... अगर २० रु. किलो भाडा है तो अपुन तो ३२० रु खर्च करेन्गे .
    इसीलिये तो मै १००० कि.मी तक अपनी कार से ही जाता हूं . सस्ता पडता है . अब तो और भी सस्ता लगेगा .
    लेकिन पतलो के साथ जो ना इन्साफ़ी हो रही है उस पर भी ध्यान दिया जाये . न्यूनतम वज़न वाले तो दूगना खर्च कर रहे है बेचारे .

    एक किराया तय हो

    २० किलो तक फ़्री { जिसमे कई ब्लोगर शामिल हो जायेन्गे }
    २१ से ५० तक ५ रु किलो
    ५१ से ७५ तक १० रु किलो
    ७५ से १०० तक १५ रु किलो
    १०० से १५० तक २० रु "
    और १५० से ज्यादा भी फ़्री { अगर एक दो से भाडा नही मिलेगा तो क्या फ़्रक पडेगा

    ReplyDelete
  18. अरे दोस्त आप लोगों को स्कूटर टेक्सी वाले ले चलने के लिए ख़ुशी ख़ुशी तैयार रहेंगे पर अपने जैसे कम वजन वालों का क्या होगा. मुझे ढोने में तो उन लोगों को कुछ फायदा नहीं होगा. मैं जब भी वजन तोलक पर चढ़ता हूँ कांटा कभी भी ५० के पार नहीं होता. बबुआ चिंता ग्रस्त लोगो कि लिस्ट में मेरा नाम भी लिखो.

    ReplyDelete
  19. अरे धीरू भाई ने अपनी परेशानी ताड़ ली. धीरू जी धन्यवाद.

    ReplyDelete
  20. चलिये कोई बात नही हम बच गये,पता नही केसे केसे मीटर बना देते है लोग, अभी सुना था कि आदमी का रंग देख कर भी किराया कम ज्यादा होगा???:)

    ReplyDelete
  21. Sach hai bahut nainsaafi hai ... bhaada aatma ke hisaab se hona chaahiye ...

    ReplyDelete
  22. वाईफ को भेज कर प्री पेड का टिकिट बुलवा लेंगे...और जायेंगे खुद!! :)

    बाकी तो दौड़ भाग जारी है और नतीजा शून्य!!

    ReplyDelete
  23. समीर लाल , धीरू सिंह , शिवम् मिश्रा जैसे लोगो का अब क्या होगा ? जो होगा अच्छा ही होगा यही हमारी दुआ है ,रही टेक्सी भारा इसे लागु होने में कम से कम दस वर्ष लग जायेंगे और यह मीटर लागु होगा भी या नहीं इसमें संदेह है ....

    ReplyDelete
  24. बढिया हुआ ..और तर माल उडाईये ....अब भुगतिए ...किलो के भाव से .......हा हा हा हा

    ReplyDelete
  25. आप डरा रहे है ना....................... वज़न बढता ही जा रहा है अपना भी ..................

    ReplyDelete
  26. हमारा वजन तो बीस लालों से स्थिर है!

    ReplyDelete
  27. बेडा गर्क हो इस कालिंदु सिरीवारदेने का. अब तो खाते पीते घर का होना भी गुनाह हो गया.

    रामराम.

    ReplyDelete
  28. एडजस्‍टमेंट की गुंजायश है कौनो
    जो पन्‍द्रह पन्‍द्रह किलो के दो साथ में होंगे
    उनके पांच पांच किलो दान में
    भारी वालों के खाते में जोड़े जा सकेंगे
    ऐसी सुविधा की मांग करता हूं
    अपने बचे 15 किलो समीर (नाम हवा और वजन इतना जो हवा कर दे) के नाम करता हूं
    उनके पास दान में अधिक आ जाएं
    तो वे पांच पांच किलो शिवम और धीरू के नाम कर दें
    एडजस्‍टमेंट जरूरी है
    समझौता मीटरों से कर लो
    वैसे ये मीटर चलेंगे कितने दिन
    बाद में फिर नग के हिसाब से लादते हुए मिल जाएंगे
    सार्वजनिक परिवहन वाले
    स्‍कूटर टैक्‍सी वाले
    रिक्‍शा वाले।

    आप देखना
    वो दिन दूर नहीं है।

    ReplyDelete
  29. हाए हाए ये दुश्मन ज़माना।

    ReplyDelete
  30. :) खैर हमारे जैसे लोगों के लिए तो ये फायदे का सौदा हुआ...आप लोग अपनी सोचिए :)

    ReplyDelete
  31. आने दो इस मीटर को हिन्दुस्तान में, जुगाड़ निकल आयेगा इसका भी। एक आईडिया तो समीर साहब ने बता ही दिया है।
    अपन तो हैं मिडलवेट वाले, कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि सिर चाहे सिरहाने की तरफ़ हो या पैताने की तरफ़.............।

    ReplyDelete
  32. लगता है धीरुसिंह जी १५० पार करने के चक्कर में हैं!

    ReplyDelete
  33. मैं तो उस दिन की सोच रहा हूं जिस दिन समीर जी, धीरू भाई और शिवम को एक साथ एक ही दिन एक ही टैक्सी की सवारी करनी पड़ गई तो...टैक्सी वाले की एक हफ्ते की कमाई एक ही दिन में हो जाएगी...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  34. हा हा ....बहुत ही मजेदार कॉन्सेप्ट और पोस्ट. वैसे मैं भी टैक्सी वालों के फेवर में हूँ. अरे भाई...पाओ भर तो वजन है...हमको तो फ़ोकट में भी घुमा देगा.

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियों की मुझे प्रतीक्षा रहती है,आप अपना अमूल्य समय मेरे लिए निकालते हैं। इसके लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

Blog Archive

Twitter