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बुधवार, 22 सितंबर 2010

बस इतना याद रहे ....

जब जब सीमा पर लड़ते हुए या शांति काल में भी आतंकवाद का सामना करते हुए कोई सेन्य अधिकारी शहीद होता है तो अपने पीछे वह छोड़ जाता है बहुत से सवाल .....जिन का जवाब किसी के पास नहीं होता ! जब युद्ध का माहौल हो तो काफी सवाल पैदा ही नहीं होते क्यों की युद्ध तो युद्ध है अगर युद्ध होगा तो जाने तो जानी ही है .........पर शांति काल में मारे गए लोगो या सैनिको का क्या दोष ?? 

खास कर आतंकवाद के शिकार लोगो का .....क्या दोष ??

आप अपने घर में बैठे है .....कोई बाहर वाला ज़बरदस्ती आता है और आप पर और आपके परिवार पर हमला कर चला जाता है ....इस पूरे घटना कर्म में आपकी क्या गलती थी ? कोई नहीं ना !! क्या करेंगे आप ऐसे में ?? 
शायद फिर कभी ऐसा ना होगा यह सोच कर दिल को तसल्ली देंगे .....पर अगर ऐसा बार बार होने लगे तो ?? 
तब तो कुछ ना कुछ करना ही होगा ना !!

ऐसा ही कुछ करने गया हुआ थे यह शेर भी ........

आज आप से यह सब इस लिए कह रहा हूँ क्यों कि आज एक शहीद का चहेरा दिखा है !!

जब तक नाम को शक्ल नहीं मिलती नाम में वह असर नहीं होता .....पर एक बार जब नाम के साथ कोई शक्ल जुड़ जाए .....कुछ ना कुछ रिश्ते भी जुड़ ही जाते है ! 

ऐसा ही एक रिश्ता जुड़ गया आज शहीद मेजर सुरेश सूरी से ......एक साल पहले आज के ही दिन अपने देश के लिए अपना बलिदान दिया था इस अमर शहीद ने !

मेजर सूरी के बारे में जानने के लिए पढ़े :-

आतंक को करारी चोट :- दैनिक जागरण में छपी खबर |
सुरेश की स्मृति में... :- मेजर गौतम की ३ अक्टूबर २००९ की पोस्ट |

सुरेश की स्मृति में...एक साल :- मेजर गौतम की आज की पोस्ट |

इस के आगे मेरी समझ में नहीं आ रहा क्या कहू ..... बस शत शत नमन करता हूँ ....भारत माँ के इस लाल को .......साथ साथ उन सब को भी जो मेजर सूरी की ही तरह शहीद हुए पर .....जिन से हमारा कोई नाता नहीं जुड़ पाया !

जय हिंद !!

10 टिप्‍पणियां:

  1. हमारी सरकार मै सब चोर बेठे है, इस लिये इन अमर शहीदो के परिवार बाद मै किस स्थिति मै रहते है कोई नही जानना चाहता, ओर इन के हक को भी यह नेता ही डकार जाते है, बहुत सही लिखा आप ने, धन्यवाद

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  2. मिश्रा जी इस पोस्ट के लिए मेरी तरफ से धन्यवाद.

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  3. अच्छी पोस्ट के लिए बधाई \
    आशा

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  4. Major Suri aur unke jaise sare shaaheedon ko naman. Atank wad ko kewal sarkar nahi rok sakt,i janta ko bhee chaukanna rahan hoga.

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  5. किर्तघ्न राष्ट्र हमेसा सहीदों के साथ ऐसा ही सलूक करता आया है...

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  6. ऐसे वीर सैनिकों को कोटिश: नमन। जब तक यह हैं हमें चिंता करने की जरूरत नहीं। लेकिन इन के अधिकारों पर कोई आंच आए तो हमें आवाज बुलंद करनी ही चाहिए। कश्मीर में सेना के विशेष अधिकार समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है इसका हमें डटकर विरोध करना होगा।

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  7. अच्छी पोस्ट, बढ़िया प्रस्तुति .......ऐसे वीर सैनिकों को कोटिश: नमन।

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  8. इन बहादुरों को मेरा प्रणाम ! आपको यह पोस्ट लिखने के लिए धन्यवाद !

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