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गुरुवार, 30 दिसंबर 2010

बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैय्या - आठ माह का गर्भ बिकाऊ है!

बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैय्या, कहावत तो प्रचलित है, लेकिन एक व्यक्ति ने अपने अजन्मे बच्चे को बेचने के लिए विज्ञापन देकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। विज्ञापन देने वाला व्यक्ति हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला बताया गया है।
मंगलवार को एक समाचार पत्र में एक व्यक्ति ने अपने अजन्मे बच्चे को गोद देने का विज्ञापन जारी कराया। विज्ञापन में दिये गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो विज्ञापन देने वाले व्यक्ति ने अपना नाम तविंदर कुमार धीमान निवासी- यमुनानगर बताया। तविंदर ने बताया कि उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है और उन्हें पैसे की सख्त जरूरत है। इसलिए वह अपने अजन्मे बच्चे को बेचना चाहता है। उसने बताया कि उसके पास कई जरूरतमंदों के फोन आ चुके है। इसलिए अगर बच्चा चाहिए तो वे जल्दी उनसे संपर्क करें।
दूसरी ओर, समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर विज्ञापनकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोसायटी को आशंका है कि इस व्यक्ति के तार किसी बच्चा बेचने के गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।

5 टिप्‍पणियां:

  1. अब यह आदमी क्या करे? जब पेट भरने को इस के पास नही तो बच्चे को कहां से खिलायए गा, मेरे हिसाब से यह गलत नही कर रहा, कोई अच्छे परिवार वाला ब्च्चे को गोद ले ले ओर अच्छी परवरिश हो तो अच्छा ही हे, वर्ना जेसे आज कल के हालात हे बच्चे को लोग फ़ेंक देते हे, या बेचारा गरीबी के कारण भुख से बीमारी से मरता हे या कूपोषण का शिकार हो, यह सस्थाऎ सिर्फ़ चिखती चिल्लती हे, काम कुछ नही करती, अगर इन्हे इतना ही दर्द हे तो क्यो नही फ़ुट पाठ पर बच्चे बच्चो को सही जिन्दगी दे देती. धन्यवाद

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  2. इस व्यक्ति ने इंसानियत का सिर ऊँचा किया है, शर्मसार तो उन लोगों को होना चाहिये जिन्होंने उसके लिये ऐसे हालात पैदा कर दिये हैं.. हम नए साल का जश्न मनाने जा रहे हैं, और एक शख्स ऐसा भी है जो एक अच्छी ज़िंदगी भी नहीं दे सकता अपने अजन्मे शिशु को...

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  3. ये पूरा मामला कुछ और है कोई भी खुले आम ये नहीं कर सकता है | ये गोद देने के नाम पर बच्चे बेचने वाले ही होंगे, विज्ञापन दिया होगा ताकी पता चल सके की किन लोगों को बच्चे चाहिए |

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  4. शिवम् जी जाने क्यों मुझे ये बात बुरी नहीं लगी. ये आदमी जो अपनी संतान को गर्भ में ही बेच रहा है बुरा नहीं बल्कि मुर्ख है. आपने सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कथा तो सूनी ही होगी. जो व्यक्ति मुर्गी के अंडे रोज खाता हैं वो समझदार और जो व्यक्ति एक बार में ही उसका पेट चीर देता है मुर्ख कहलाता है. . हम सभी अपनी संतान इसलिए पैदा करते हैं की वो आने वाले समय में हमारे लिए सहारा बनेगी. ये बन्दा संतान से सारा फायदा अभी ले लेना चाहता है. इसमे बुरा क्या है. हमारे समाज में बहुत से ऐसे लोग मिल जायेंगे जो कई सारी संताने सिर्फ इसलिए पैदा करते हैं ताकि उनके द्वारा वो अपना काम धंधा बढ़ा सकें. तो वे लोग भी संतान का व्यावासिक उत्पादन ही कर रहे है. अब इस आदमी ने खुले में विज्ञापन दे कर व्यवसाय कर लिया तो क्या बुरा किया.

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  5. तुलसी इस संसार में भांति - भांति के लोग्।

    नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं

    चुड़ैल से सामना-भुतहा रेस्ट हाउस और सन् 2010 की विदाई

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