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रविवार, 2 मई 2010

अब आपके चलने से होगा मोबाइल चार्ज


आप मानें या न मानें लेकिन निकट भविष्य में कुछ मिनट तक चलने फिरने से ही आप अपने मोबाइल, लैपटाप और आईपाड को चार्ज करने में सक्षम हो सकेंगे। यह पीजोइलेक्ट्रिक्स की मदद से संभव होगा।

जार्जिया टेक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस प्रकार के उपकरण के निर्माण का दावा किया है जो चलने फिरने से ही पीजो इलेक्ट्रानिक्स सामग्री से आवश्यक विद्युत ऊर्जा की आपूर्ति करने की क्षमता रखते हैं।

डिस्कवरी चैनल ने अनुसंधानकर्ताओं के हवाले से खबर दी है कि पीजोइलेक्ट्रिक्स 1.26 वोल्ट तक बिजली उत्पन्न कर सकते है और जरूरत पड़ने पर इससे भी अधिक वोल्टेज ऊर्जा पैदा करने में सक्षम हैं। सह अनुसंधानकर्ता जेड एल वांग ने कहा कि भविष्य के लिए उपयोगी प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

वांग ने कहा कि हर कदम से, हर चाल से आप बिजली उत्पन्न कर सकते हैं। पैदा होने वाली विद्युत ऊर्जा को और अधिक बढ़ाया जा सकता है जो आईपाड और मोबाइल फोन के लिए आवश्यक होगी।

केवल पीजो इलेक्ट्रिक पदार्थों की विद्युत ऊर्जा से संचालित विश्व का यह पहला उपकरण वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। तीन वर्ग सेंटीमीटर के दायरे में 20 हजार नैनोवायर को जोड़कर वैज्ञानिकों ने यह उपकरण तैयार किया है। पीजोइलेक्ट्रिक पदार्थ वैसी सामग्रियां हैं जो दबाने या खींचे जाने पर हल्की विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती हैं।

शनिवार, 1 मई 2010

एक खुला पत्र :- 'लोकसंघर्ष' वाले सुमन जी के नाम !!


माननीय सुमन जी ,

नमस्कार !

आज अपनी पोस्ट पर जब आपका वही चिर परिचित कमेन्ट, "NICE", देखा तो ठान लिया था कि आज आपसे यह विनती जरूर करुगा कि या तो अपने इस एक शब्द के कमेन्ट के पीछे छुपे राज़ का पर्दाफाश करे या कभी कभी थोडा कुछ और भी लिखा करे !

केवल मुझे ही नहीं आपकी यह अदा बहुतों कों सताती है , क्यों कि इस NICE के पीछे की बात समझ नहीं आती है !!
पोस्ट कोई भी हो, किसी भी विषय पर हो, किसी की भी हो .........................मानना पड़ेगा .............आपका कमेन्ट नहीं बदलता ................वही ...................."NICE" !!

आखिर यह NICE है क्या ??

जिज्ञासा बहुत है आपके इस NICE कों ले कर सो कृपया कर बतलाये !
मैं यहाँ स्पष्ट करना चाहुगा कि मैं आपको ईमेल भी कर सकता था पर जानबूझ कर यह पोस्ट लिख रहा हूँ क्यों कि आप यह कमेन्ट केवल मेरे कि ब्लॉग पर नहीं देते बल्कि लगभग हर एक ब्लॉग जो भी आप visit करते है उस पर आपका यही कमेन्ट देखा है !
मेरा इरादा किसी भी दृष्टि से आपके अपमान का नहीं है ............जैसा कि मैंने पहले ही कहा यह केवल एक जिज्ञासा है ! फिर भी अगर आपको मेरी कोई भी बात बुरी लगी हो तो मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ ......... आप मेरे बड़े है, आप जब चाहे बेहिचक एक डांट लगायें, आपको पूरा अधिकार है !

आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा !

शुभकामनायो सहित
आपका
शिवम् मिश्रा

ब्लॉग आर्काइव

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