वह पोस्ट जिसमे की किसी और की बुराई - भलाई हो ;
वह पोस्ट जिसमे किसी धर्मं की बुराई - भलाई हो ;
वह पोस्ट जो मसालेदार हो, किसी आइटम नंबर की तरह ;
आखिर क्या होती है एक बढ़िया पोस्ट ??
आप सब सोचते होगे यह आज इसको क्या हुआ ?
तो साहब हुआ यह कि कल अपने दुसरे ब्लॉग "जागो सोने वालो ..." पर यह पोस्ट लगाई थी, मुद्दा गंभीर था और हम सब से जुड़ा हुआ था !
पर अभी जब मैं यह लिख रहा हूँ तब तक ब्लागवाणी के अनुसार उस पोस्ट कों १४ लोगो ने पढ़ा है और २ ने पसंद का चटका भी लगाया है पर जो बात मुझे सब से जयादा अखर रही है वह यह कि सिवाए एक के किसी ने भी उस पोस्ट पर कोई भी टिपण्णी नहीं की !!
क्यों यह समझ नहीं पाया !
आप सब से निवेदन है कि मेरी दुविधा कों शांत करे - क्या मैंने गलत मुद्दा उठाया ?? क्या सच में हम लोग अभी इतने mature नहीं हो पाए है कि एसे मुद्दों पर अपनी राय दे पाए ! एसा क्या गलत था उस पोस्ट में ??
यहाँ यह बता दू कि मैं अपनी पोस्ट के लिए दुखी नहीं हूँ ..............मुझे दुःख है इस बात का कि एक आहम मुद्दे पर एसी बेरुखी क्यों रही ?? जब हम लोग अपने अपने ब्लॉग के मार्फ़त अलग अलग मुद्दों कि बात करते है तो मैंने क्या गलत किया ??
कृपया मेरी जिज्ञासा शांत करे !
