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शनिवार, 1 मई 2010

आखिर क्या होती है एक बढ़िया पोस्ट ??

क्या होती है एक बढ़िया पोस्ट ??


वह पोस्ट जिसमे की किसी और की बुराई - भलाई हो ;


वह पोस्ट जिसमे किसी धर्मं की बुराई - भलाई हो ;


वह पोस्ट जो मसालेदार हो, किसी आइटम नंबर की तरह ;


आखिर क्या होती है एक बढ़िया पोस्ट ??


आप सब सोचते होगे यह आज इसको क्या हुआ ?

तो साहब हुआ यह कि कल अपने दुसरे ब्लॉग "जागो सोने वालो ..." पर यह पोस्ट लगाई थी, मुद्दा गंभीर था और हम सब से जुड़ा हुआ था !
पर अभी जब मैं यह लिख रहा हूँ तब तक ब्लागवाणी के अनुसार उस पोस्ट कों १४ लोगो ने पढ़ा है और २ ने पसंद का चटका भी लगाया है पर जो बात मुझे सब से जयादा अखर रही है वह यह कि सिवाए एक के किसी ने भी उस पोस्ट पर कोई भी टिपण्णी नहीं की !!

क्यों यह समझ नहीं पाया !

आप सब से निवेदन है कि मेरी दुविधा कों शांत करे - क्या मैंने गलत मुद्दा उठाया ?? क्या सच में हम लोग अभी इतने mature नहीं हो पाए है कि एसे मुद्दों पर अपनी राय दे पाए ! एसा क्या गलत था उस पोस्ट में ??

यहाँ यह बता दू कि मैं अपनी पोस्ट के लिए दुखी नहीं हूँ ..............मुझे दुःख है इस बात का कि एक आहम मुद्दे पर एसी बेरुखी क्यों रही ?? जब हम लोग अपने अपने ब्लॉग के मार्फ़त अलग अलग मुद्दों कि बात करते है तो मैंने क्या गलत किया ??

कृपया मेरी जिज्ञासा शांत करे !

अरे हुज़ूर, वाह ताज बोलिए - अब सोलर लाइट में जगमगाएगा ताजमहल


रात के अंधेरे में डूबा रहने वाला ताजमहल जल्द ही सोलर रोशनी से जगमगाएगा। शासन ने विश्वदाय स्मारकों पर सौर ऊर्जा चलित उपकरणों के लिए सवा तीन करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण से इस संबंध में कार्ययोजना मांगी गई है। धनराशि आवंटित होने के बाद स्मारकों को सोलर सिस्टम से जगमगाने की तैयारी शुरू हो जाएगी।

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए केंद्र सरकार तमाम योजनाएं बना रही है। इस दौरान आगरा में एक लाख से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना है। लिहाजा भारत सरकार के नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने व‌र्ल्ड हेरिटेज स्मारकों को अबाध विद्युत आपूर्ति देने की तैयारी की है। इसी कड़ी में सोलर सिस्टम की योजना बनाई गई है ताकि बिजली जाने पर पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए। रात में स्मारकों को सोलर लाइट से रोशन किया जाएगा। केंद्र ने इसके लिए सवा तीन करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसमें ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी के लिए एक-एक करोड़ रुपये और सिकंदरा में 25 लाख रुपये से स्मारकों में सोलर उपकरण लगाए जाएंगे।

नेडा के परियोजना अधिकारी अतुल जैन ने बताया कि प्रस्ताव मंजूर हो गया है और शासन ने डीपीआर मांगी है। जल्द ही वह कार्ययोजना बनाकर केंद्र सरकार को देंगे और इसके बाद धनराशि जारी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि स्मारकों पर 52 बिंदुओं पर कार्य किया जायेगा |

इस के बाद तो सच में कहा जा सकता है कि ' अरे हुज़ूर , वाह ताज बोलिए !!'

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