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मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

कैमियो रोल में वी.के. सिंह


फिल्म का दृश्य कुछ यूं है, कुछ आतंकवादियों ने स्कूली बच्चों की एक बस को बंधक बना लिया है। उस स्थान से कुछ दूरी पर स्थित कमांडो ट्रेनिंग कैम्प में सेना के अधिकारी बंधक बच्चों को छुड़ाने के लिए योजना बना रहे हैं। एक ब्रिगेडियर अपने अधिकारी मेजर चौहान को मिशन के लिए ताकीद करते हुए कहते हैं कि हमारे पास इलाके की कुछ स्लाइड्स हैं, जिन्हें एक्सप्लेन करेंगे कनर्ल वी.के. सिंह। मेजर चौहान की भूमिका में नाना पाटेकर हैं। इसके बाद कुछ क्षणों के लिए वी.के. सिंह दृश्य में आते हैं। यद्यपि उनके कोई डायलॉग नहीं हैं। उनकी एक झलक ही दर्शकों को मिलती है। फिल्म के दृश्य में नजर आने वाले कर्नल वी.के. सिंह हमारे नए सेनाध्यक्ष है। यहां जिस फिल्म के दृश्य का जिक्र है, वह है प्रहार।

यह बात दो दशक पहले की है। दरअसल करीब 20 साल पहले 1990 में वी.के. सिंह बेलगाम स्थित भारतीय सेना के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में इंस्ट्रक्टर थे। वी.के. सिंह के अनुसार ''उस कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में प्रहार फिल्म की शूटिंग की जा रही थी। फिल्म के निर्देशक नाना पाटेकर उस दृश्य में वास्तविकता जोड़ने के लिए किसी सेना अधिकारी की मौजूदगी दर्शाना चाहते थे।'' गौरतलब है कि वी.के. सिंह सेनाध्यक्ष बनने वाले पहले कमांडो हैं।


हम सब की ओर से सिंह साहब कों बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं !

सोमवार, 12 अप्रैल 2010

शायद मैं वापस आ गया हूँ !!

३१ मार्च २००९ जब closing के pressure ने जान सुखा हुयी थी तब बैठ हुए अचानक ही ख्याल आया क्यों ना एक ब्लॉग बनाया जाये जहाँ अपने मन की बाते लिखा करुगा या वह मुद्दे जिन से मैं प्रभावित होता हूँ उन पर अपनी राय दिया करुगा ............( यहाँ बता दू कि जी हाँ मैं राय भी दे दिया करता हूँ कभी कभी......... क्या करू साहब आदत से मजबूर हूँ ) सो लीजिये जनाब बना लिया गया "बुरा भला" !!

२४ नवम्बर २००९ तक सब कुछ ठीक था खूब मज्जे रहे थे नयी नयी पोस्टो पर नए नए लोगो से नए नए कमेंट्स पा कर..................... पर अचानक ही AIRCEL वालों कों पता चला कि मिश्रा जी unlimited पैक का फायेदा कुछ जयादा ही unlimted हो कर उठा रहे है तो साहब और कुछ तो नहीं बंद किया मेरी ब्लॉग्गिंग बंद करवा दी !

खूब हाथ पैर मारे कि कुछ तो हो पर नहीं ...................फिर बात हुयी झा बाबु से उन्होंने बताया कि पाबला जी कि मदद ले कर देखो तो हम पहुचे उन तक ( अरे भाई फ़ोन से ही ) ! पाबला जी ने भी खूब साथ निभाया पर आखिर तक यही निष्कर्ष पर पहुचे कि "प्रॉब्लम ISP की है!!" तब हम भी हार कर बैठ गए !

फिर समय समय पर कोशिश चलती रही की ब्लॉग्गिंग चलती रहे पर हो नहीं पाया ! आज जब एक बार फिर कोशिश की तो काम बनता दिख रहा है इसी लिए उम्मीद कर रहा हूँ कि "शायद मैं वापस गया हूँ !!"


मैं बता नहीं सकता इतने दिनों तक ब्लॉग्गिंग से दूर रहना कितना कठिन था मेरे लिए ............... पर मेरे मित्र जानते है मैं ब्लॉग्गिंग से तो दूर था पर उन से नहीं !!

आप सब से अब तक जितना स्नेह मिला है उसके लिए आप सब का सदेव ऋणी रहूगा !


आप के ब्लॉग "बुरा भला" के एक साल और ४०० वी पोस्ट के पूरे होने पर आप सब कों बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयाँ !!

ब्लॉग के सबसे पहेली पोस्ट का लिंक दे रहा हूँ :-
http://burabhala.blogspot.com/2009/03/blog-post.html


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