मशहूर गजल गायक और पूरे विश्व मे शहंशा ए ग़ज़ल के नाम से मशहूर मेहदी हसन साहब का बुधवार को कराची के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मेहदी हसन साहब कराची के अस्पताल में भर्ती थे।
अपनी अनोखी गजल गायकी के सहारे दुनिया भर के गजल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले मेहदी हसन साहब पिछले कुछ वर्षो से लकवे से पीड़ित थे। इलाज के सिलसिले में वे एक बार भारत भी आए थे।
पिछले कुछ महीनों से इनका स्वास्थ्य और बिगड़ गया था तथा बोलने में भी दिक्कत होने लगी थी। मेहदी हसन साहब की बिगड़ती हालत को देखकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत में उनके मुफ्त इलाज की पेशकश की थी। मूल रूप से राजस्थान के झूंझनू के रहने वाले मेहदी हसन साहब का परिवार विभाजन के समय पाकिस्तान चला गया था ... पर इस से उनके भारत के प्रति प्रेम और सम्मान मे कोई कमी नहीं आई ! भारत मे भी वो वही सम्मान और प्यार पाते थे जो उनको पाकिस्तान मे मिलता था !
लीजिये पेश है शहंशा ए ग़ज़ल स्वर्गीय मेहदी हसन साहब की आवाज़ मे राजस्थानी लोक गीत 'केसरिया बालम आवो नी ... पधारो महारे देस'...
शहंशा ए ग़ज़ल स्वर्गीय मेहदी हसन साहब को सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि |

उनको हमारा सलाम :-(
ReplyDeleteमेहदी हसन साहब .और उनकी गायकी को शत शत नमन,,,,,,
ReplyDeleteMY RECENT POST,,,,,काव्यान्जलि ...: विचार,,,,
अफ़सोस ...
ReplyDeleteएक अच्छा कलाकार चला गया ..
श्रद्धांजलि!
ReplyDeleteविनम्र श्रधांजलि.
ReplyDeleteविनम्र श्रद्धांजलि..
ReplyDelete