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शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

पिता पर पूत .... सईस पर घोडा .... बहुत नहीं तो थोडा थोडा !!!

आज सुबह ही लौटना हुआ दिल्ली से ....पर यह पोस्ट मेरी दिल्ली यात्रा पर नहीं है .... वह तो बाद में आएगी !
फिलहाल तो आप सब को दो चित्र दिखाने की ललक है .........लीजिये आप भी देखिये और अपनी अपनी राय दीजिये !
ललित भाई पिस्टल पर हाथ अजमाते हुए !

" मैं पापा से कुछ कम हूँ क्या ?? " उदय बाबु शायद यही पूछ रहे है पिस्टल से निशाना साधते हुए !

16 टिप्‍पणियां:

  1. ह्म्म्म्म्म....मिल चुकी हूँ उदय बाबू से.....नेट पर....वाकई पिता पर पूत.......हा हा हा हा....

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  2. हमने तो यह कहावत सुनी थी-
    "माँ पे पूत बाप पे घोड़ा!
    बहुत नही तो थोड़ा-थोड़ा!"
    चलिए- एक नई कहावत और सामने आ गई!

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  3. वाह!
    पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं।
    इन तस्वीरों के लिये आभार

    प्रणाम

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  4. @ललित भाई पिस्टल पर हाथ अजमाते हुए !


    ज़े बात,,,,,,,,,,,,,,
    मुछो के साथ हाथ में तम्म्न्चा.........
    अब ललित शर्मा जी लग रहे हैं न ललित प्रताप सिंह......

    बढिया है........

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  5. नाज़ुक हाथों में तमंचा!! अगर खेल हो तो ठीक है, वर्ना कलम की ताक़त अभी भी नहीं हारी है!!

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  6. उदय बेटे बस मुछो की कमी हे, वेसे बच्चे तो युही बाप के संग खेलते खेलते सीख जाते हे, चल बन के दिखा एक नया विजेता सब से कम उम्र का ओर एक गोल्ड मेडल ला दे अपने पापा को, धन्यवाद इस सुंदर पोस्ट के लिये शिवम् मिश्रा जी

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  7. पिता-पुत्र की जोड़ी बढ़िया लग रही है

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  8. दो ओलम्पिक के बाद गोल्ड चाहिये .

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  9. पिस्टल नकली हैं तो फिर कोई बात नहीं।...शुभकामनाएं।

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  10. वाह ..
    बहुत बढिया ..

    उदय कम क्‍यूं रहेगा ..
    बाप सेर तो बेटा सवा सेर होता ही है !!

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  11. उदय के जिक्र के लिए धन्यवाद शिवम भाई

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  12. निशाना कौन है, एक ही या अलग-अलग.

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  13. बहुत सही .... अगला ओलम्पिक पदक पक्का!

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  14. शार्प शूटर!!!!!
    आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामना!

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