सदस्य

नयी पोस्ट की जानकारी लें ईमेल से

 

शुक्रवार, 23 जुलाई 2010

आज शिवम् का कार्तिक है कल आप का भी कार्तिक हो सकता है.......

मेरे ऑफिस के गौरव ने आज दोपहर में बताया की कार्तिक के सडक हादसे में चोट लग गयी है....खबर सुनकर मुझे से रहा नहीं गया.फ़ौरन शिवम् को फोन लगा कर कार्तिक के बारे में खेर खबर ली...शिवम् ने बताया की मोटर साईकिल की चपेट में आ जाने से कार्तिक की सिर में चोट आई है..जिससे सिर से खून भी निकला...सुनकर तेज़ गुस्सा आया...मैंने पूछा क्या तुम टक्कर मरने वालों को जानते हो...शिवम् ने बताया कि मोटर साईकिल पर तीन लोग सवार और तेज़ गति से बाइक चला रहे थे.....सुन कर ओर भी गुस्सा आया....बरहाल कार्तिक को ज्यादा चोट नहीं आई थी...इसलिए तसल्ली थी....लेकिन दुःख कम नहीं हुआ....मैंने सोचा आखिर कब मैनपुरी के लोगों में सिविक्स सेन्स आएगा.मैनपुरी के अधिकतर युवाओं में सिविक्स सेन्स की कमी आम बात हो गयी....हर किसी को इतना तो सेन्स होता ही है की स्कूल की छुट्टी के वक़्त वाहन को धीमे चलाना चाहिए....अगर ऐसा किया गया होता तो शायद कार्तिक को चोट ना आती....उपर से बाइक पर तीन लोग सवार थे....आसानी से समझ सकते है आलम क्या होगा....दुःख तो इस बात का है ये तब हो रहा जब पुलिस हर दिन बे-तरतीब ढंग से वाहन चलाने वालों के चालान कट रही है....यानि कानून भी ऐसे लोगों का कुछ नहीं कर सकता....यहाँ पर सिर्फ सिविक्स सेन्स ही है जो माहोल को बेहतर बना सकता है....लेकिन ऐसा कब होगा....? लेकिन मैं इतना जानता हूँ कि अगर सुधार नहीं हुआ तो आज शिवम् का कार्तिक है कल आप का भी कार्तिक हो सकता है.......
****हृदेश सिंह

4 टिप्‍पणियां:

  1. मुर्गी अऊर अण्डा के जैसा सिनेमा और समाज पर एक दूसरे का प्रभाव भी अनसुलझा पहेली बन गया है...सिनेमा का देखा देखी समाज में हो रहा है कि समाज से देखकर सिनेमा बनता है भगवान जाने.. ई जॉन अब्राहम को देखकर त मत पूछिए, जवान छोकरा सब का दिमाग एतना बिगड़ गया है कि का बताएँ... सिवम बाबू को हमरे तरफ से ढाढस दीजिए अऊर कार्तिक का खयाल रखिए..

    उत्तर देंहटाएं
  2. प्रिय भाई हिर्देश, तुम्हारा गुस्सा जाएज़ है ...........आज कल मैनपुरी में लोगो के बीच मामूली से मामूली सिविक सेन्स देखने को नहीं मिलता ! बच्चे तो बच्चे बड़े भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से परिचित नहीं है !
    तुमने सही कहा आज तो कार्तिक के चोट लगी है कल कोई और भी हो sakta है और यह जरूरी नहीं कि हर बार हर कोई किस्मतवाला हो ! जल्द से जल्द इस विषय में कुछ करना होगा !
    इस उम्दा लेख और तुम्हारी संवेदनाओ के लिए बहुत बहुत आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  3. सलिल भाई ,
    आपके फ़ोन के बाद से काफी अच्छा महसूस कर रहा हूँ ...........बस ऐसे ही स्नेह बनाये रखें !

    उत्तर देंहटाएं
  4. शिवम, चलो उसका ध्यान रखो !!
    अभी दूसरी पोस्ट में पढ़ा था की वो सारा है और ठीक है ...

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियों की मुझे प्रतीक्षा रहती है,आप अपना अमूल्य समय मेरे लिए निकालते हैं। इसके लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

ब्लॉग आर्काइव

Twitter