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शनिवार, 24 अप्रैल 2010

नौसेना के जहाजी बेड़े की ताकत बढे़गी


लंबे इंतजार के बाद भारतीय नौसेना को इस महीने के अंत तक देसी डिजाइन और स्वदेशी निर्माण क्षमता के सहारे तैयार युद्धपोत आईएनएस शिवालिक मिल सकता है। दुश्मन के राडारों को चकमा देने में सक्षम यह युद्धपोत न केवल अत्याधुनिक लड़ाकू क्षमताओं से लैस है बल्कि भारतीय युद्धपोत डिजाइन क्षमताओं की भी नई मिसाल है।

नौसेना डिजाइन महानिदेशक रियर एडमिरल केएन वैद्यनाथन के अनुसार, स्टील्थ [राडार को चकमा देने वाले] श्रेणी के इस जहाज को रक्षा मंत्री एके एंटनी 29 अप्रैल को मझगांव डाक में देश को समर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों और तकनीक से लैस यह पोत न केवल अपनी इन्फ्रारेड पहचान छुपाने में सक्षम है बल्कि ध्वनि तरंगों के सहारे भी इसे पकड़ना मुश्किल है। दुश्मन को चकमा देने के लिए 143 मीटर लंबे और छह हजार टन वजनी इस जहाज की सतह पर राडार एब्जार्बेट पेंट किया गया है।

लंबे समय तक पानी में रहने की क्षमता से लैस आईएनएस शिवालिक में कोडाग यानी गैस और डीजल इंजन की सम्मिलित क्षमता दी गई है। वहीं दुश्मन के खतरे से निपटने के लिए इसमें हवा, सतह और पानी के नीचे से होने वाले हमलों के खिलाफ हिफाजत के पुख्ता इंतजाम हैं। इसके लिए पोत में जहां उच्च क्षमता वाले राडार लगे हैं वहीं लंबी दूरी तक मार करने वाली तोप और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी लगाई गई हैं।

वैद्यनाथन के अनुसार जहाज में लगा कम्बेट मैनेजमेंट सुइट एक साथ कई खतरों का मुकाबला करने में सक्षम है। काफी समय तक पानी में रहने की क्षमताओं से लैस शिवालिक में नाविकों के लिए माड्यूलर अकोमोडेशन के अलावा माड्यूलर किचन की सुविधा भी है। साथ ही भारतीय नाविकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसमें रोटी मेकर भी लगाया गया है।

वैद्यनाथन के मुताबिक पोत का डिजाइन 250 कर्मियों की जरूरतों और आराम को देखते हुए बनाया गया है। नौसेना मुख्यालय के अनुसार तीन युद्धपोतों की शिवालिक श्रृंखला के अन्य जहाज आईएनएस सतपुड़ा नवंबर 2010 और आईएनएस सह्यंाद्रि अगले साल के मध्य तक जहाजी बेड़े का हिस्सा बनेंगे। शिवालिक की नौसेना में कमीशनिंग दो बार टल चुकी हैं। पहले इसके नौसेना में शामिल होने के लिए 2009 का समय रखा गया था। बाद में इस साल फरवरी की समय-सीमा तय की गई।

उल्लेखनीय है कि नौसेना इन दिनों स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत के निर्माण पर भी काम कर रही है। शिवालिक की डिजाइन को अधिक उन्नत बनाते हुए सात जहाजों का नया बेड़ा बनाने की भी तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक इस डिजाइन परियोजना का नाम 17ए रखा गया है। इसके अलावा कोलकाता श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट का निर्माण भी अंतिम चरण में है।

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