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रविवार, 15 नवंबर 2009

सचिन से दूर अभी भी कई विश्व रिकार्ड


रिकार्डो के बादशाह सचिन तेंदुलकर 16 नवंबर को श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में मैदान पर उतरते ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 साल पूरे कर लेंगे लेकिन यह विश्व रिकार्ड नहीं होगा। यदि यह दिग्गज बल्लेबाज अगले दस साल 316 दिन तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बना रहता है तभी यह रिकार्ड उनके नाम पर दर्ज हो पाएगा।

तेंदुलकर हालांकि दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहने वाले भारत के पहले क्रिकेटर बन जाएंगे। उन्होंने भारत की तरफ से सबसे लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का रिकार्ड हाल में ही अपने नाम किया। पहले यह रिकार्ड मोहिंदर अमरनाथ के नाम पर था जिनका करियर 19 साल 310 दिन खिंचा था। संयोग से अमरनाथ ने 30 अक्टूबर 1989 को अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और इसके 15 दिन बाद तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज हुआ। सबसे लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहने का रिकार्ड इंग्लैंड के विल्फ्रेड रोड्स के नाम पर है जिन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच एक जून 1899 को और अंतिम मैच 51 वर्ष की उम्र में 12 अप्रैल 1930 को खेला था। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 30 वर्ष 315 दिन तक चला था जो विश्व रिकार्ड है।

तेंदुलकर अभी सबसे लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की सूची में 18वें नंबर पर काबिज हैं लेकिन श्रीलंका के खिलाफ कानपुर में 24 नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट तक वह मुश्ताक मोहम्मद और गैरी सोबर्स को पीछे छोड़कर 16वें नंबर पर पहुंच जाएंगे। यही नहीं मास्टर ब्लास्टर जब 2010-11 के क्रिकेट सत्र में उतरेंगे तो कोलिन काउड्रे, बाबी सिम्पसन, जावेद मियादाद, नार्मन गिफर्ड और इमरान खान भी उनसे पीछे होंगे। भारत के इस स्टार बल्लेबाज ने अपना पहला मैच 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ कराची में खेला था तब वह 16 साल 205 दिन के थे। तेंदुलकर ने पिछले दिनों टेस्ट क्रिकेट में 15 हजार रन बनाने की इच्छा जताई थी। अभी वह जिस दर से रन बना रहे हैं उस लिहाज से वह नवंबर 2011 तक इस मुकाम पर पहुंच सकते हैं और ऐसे में सबसे लंबे करियर की तालिका में भी शीर्ष दस में शामिल हो जाएंगे।

तेंदुलकर ने अभी टेस्ट क्रिकेट में 12,773 और एक दिवसीय मैचों में 17,178 रन बनाए हैं और जितने भी क्रिकेटरों का अंतरराष्ट्रीय करियर उनसे अधिक लंबे समय तक खिंचा वे सभी प्रदर्शन के मामले में उनसे काफी पीछे हैं। इसके अलावा तेंदुलकर ने अपने दो दशक के करियर में जितने मैच खेले उतना कोई अन्य क्रिकेटर नहीं खेला है। तेंदुलकर ने अपने 20 साल के करियर में 159 टेस्ट, 436 एक दिवसीय और एक ट्वंटी 20 मैच सहित कुल 596 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उनके बाद श्रीलंका के सनथ जयसूर्या का नंबर आता है जिनके नाम पर अभी 572 मैच दर्ज हैं। इन दोनों के अलावा किसी भी अन्य क्रिकेटर ने 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हैं। विल्फ्रेड रोड्स ने तीन दशक तक चले अपने करियर में केवल 58 टेस्ट मैच खेले थे।

ब्रायन क्लोज और फ्रैंक वूली का अंतरराष्ट्रीय करियर भी 25 साल से अधिक समय तक खिंचा लेकिन उनके नाम पर क्रमश: 25 और 64 मैच ही दर्ज हैं। रोड्स के नाम पर हालांकि सर्वाधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने का रिकार्ड है। उन्होंने 32 साल के अपने क्रिकेट करियर में 1110 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 1000 से अधिक मैच खेलने वाले वे एकमात्र क्रिकेटर हैं। उनके जमाने में सीमित ओवरों के मैच नहीं होते थे। तेंदुलकर ने अब तक 261 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और यदि इसमें सीमित ओवरों के मैच जोड़ दिए जाते हैं तो यह संख्या 809 हो जाएगी। वैसे इन तीनों प्रारूप को मिलाकर सबसे अधिक मैच खेलने का रिकार्ड ग्रीम हिक [1214 मैच] के नाम पर है जिनका क्रिकेट करियर लगभग 26 साल तक चला।

4 टिप्‍पणियां:

  1. :) अच्छा लिखा जी, मुझे क्रिकेट मै बिलकुल रुचि नही, इस लिये ज्यादा क्या लिखू.
    धन्यवाद

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  2. बढिया तुलनात्‍मक लेख है । विल्फ्रेड रोड्स का रिकार्ड तोड पाना तो सम्‍भव नहीं लगता ।

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