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बुधवार, 15 जुलाई 2009

मंहगाई से लोग हुए विचलित

दिनों दिन बढ़ रही महंगाई की मार से सभी विचलित है। खाद्य सामग्रियों के अलावा सभी कुछ महंगा होने का दोष केन्द्र सरकार पर जा रहा है।

वैसे भी चर्चा थी कि यदि केन्द्र में यूपीए सरकार बनी तो जिस महंगाई को लोकसभा चुनाव से पूर्व रोका गया था, वोह पुन: तेजी से बढ़ेगी और हुआ भी वैसा ही है दाले चाहे अरहर की हो उर्द मूंग मसूर की सभी पर ड्योढ़े से दूने पैसे हो गये हैं धीरे-धीरे सरसों का तेल भी बढ़कर ७२-८० रुपये किलो पर पहुंच गया है। इनके अलावा सब्जियों के दाम भी अब गरीब की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं ५ रुपये किलो वाली सब्जी का दाम २० से २५ रुपये तक पहुंच गया है। रोजाना कमाकर खाने वाले को इस महंगाई से ज्यादा परेशानी है जनता की मांग है कि सरकार महंगाई पर तत्काल अंकुश लगाये।

2 टिप्‍पणियां:

  1. भैया तेल का दाम 55 नहीं 72 से 80 रूपया हो गया है, दाल 85 रुपया हो गया है , इस यु पि ए का फूल फार्म यूनिक प्राबलम एजेंडा हो गया है, अभी तो इनका १०० दिन का प्रोग्राम चल रहा है, बाकी जाने कितने १०० दिन इस देश को झेलने पडेंगे,
    आपकी चर्चा उत्तम है , लगे रहिये
    रत्नेश त्रिपाठी

    उत्तर देंहटाएं
  2. रत्नेश त्रिपाठी जी ,

    आपकी राय का स्वागत है , पोस्ट अपडेट कर दी गई है |
    बहुत बहुत धन्यवाद |

    आपका
    शिवम् मिश्रा

    उत्तर देंहटाएं

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