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शुक्रवार, 10 जुलाई 2009

माइक्रोसाफ्ट को गूगल की चुनौती




अगर आपके लिए कंप्यूटर आपरेटिंग सिस्टम [ओएस] का मतलब विंडोज है तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। दुनिया के 90 फीसदी कंप्यूटरों में माइक्रोसाफ्ट का विंडोज ही इस्तेमाल होता है,पर आगे से शायद ऐसा न रहे। इसकी वजह यह है कि इंटरनेट सर्च की दुनिया में बादशाहत कायम कर चुकी गूगल अब अपने ओएस के जरिए विश्व की इस दिग्गज साफ्टवेयर कंपनी को चुनौती देने जा रही है।

कंपनी ने वर्ष 2010 की पहली छमाही में गूगल क्रोम ओएस को उतारने का ऐलान भी कर दिया है। यह अल्ट्रा-कांपैक्ट नेटबुक पीसी से लेकर डेस्कटाप पीसी [पर्सनल कंप्यूटर] तक को चलाएगा। हालांकि शुरुआत में यह नेटबुक के लिए जारी किया जाएगा। नेटबुक कम कीमत वाले कंप्यूटर होते हैं। इन पर इंटरनेट व दूसरे वेब अप्लिकेशन का उपयोग किया जा सकता है।

गूगल पहले ही ई-मेल, वेब व अन्य साफ्टवेयर उत्पादों के मैदान में माइक्रोसाफ्ट को कड़ी टक्कर दे रही है। गूगल का जीमेल, गूगल कैलेंडर व गूगल मैप पहले ही बाजार में छा चुके हैं। इसलिए माना जा रहा है कि गूगल क्रोम ओएस को भी अपनी जगह बनाने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।

कंपनी ने माइक्रोसाफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर के मुकाबले में इसी साल अपना वेब ब्राउजर गूगल क्रोम बाजार में उतारा है। कंपनी अपने गूगल क्रोम ओएस तैयार करने के लिए कई निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रही है।

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