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गुरुवार, 16 जुलाई 2009

" सत्यम शिवम् सुन्दरम "-- क्या सच में ????


सुना था कि " सत्यम शिवम् सुन्दरम " यह तीनो शब्द एक साथ जुड़े होते है और इनका अर्थ भी बहुत सुंदर होता है -- सत्यम यानि सच , शिवम् यानि कल्याणकारी और सुन्दरम यानि कि सुंदर | तीनो को एक साथ मिलाया तो अर्थ हुआ कि सच हमेशा ही कल्याणकारी और सुंदर होता है | पर क्या सच में एसा है ????

कल स्टार पल्स पर प्रसारित हुए "सच का सामना" के पहेले एपिसोड को देख तो एसा नहीं लगा |

२१ बार सच बोलो और ले जाओ १ करोड़ रुपये येही कांसेप्ट है इस नए गेम शो का |

पहले एपिसोड में हॉट सीट पर स्मिथा मटाई बैठीं तो लगा कि पहली बार में ही वो एक करोड़ रुपए नहीं तो कम से कम दस लाख रुपए जरुर जीत लेंगी।

उन्होंने तमाम सवालों के सही जवाब दिए। मसलन-

-क्या आपको अपनी बड़ी बहन की इस्तेमाल की गई किताबें मिलने पर गुस्सा आता था। (हां)
-क्या आप एक हफ्ते तक बिना नहाए रही हैं। (हां)
-क्या आपको लगता है कि आप 12वीं क्लास में इसलिए फेल हो गईं क्योंकि आप आलसी थीं।(हां)
-क्या आपने कभी अपने ग्राहकों को बासी खाना भेजा है।( नहीं)
-क्या आपके ससुर आपके पति से अच्छे दिखते थे। (हां)
-क्या आपको अपने भाई से इसलिए जलन थी कि क्योंकि आपको लगता था कि वो मां-बाप का दुलारा है।(हां)
-क्या आप अपने दूसरे बच्चे के जन्म के वक्त अपनी मां के साथ न होने पर उन्हें माफ कर सकती हैं।(नहीं)
-क्या आप मानती हैं कि आपके माता पिता आपके बच्चों से ज्यादा आपके भाई के बच्चों को प्यार करते हैं। (हां)
-क्या आपको लगता है कि आपकी सास आपकी मां से बेहतर मां थीं।(हां)
-क्या आप इस डर में जीती हैं कि आपके पति दोबारा शराबी न बन जाएं( हां)
-क्या आपने कभी अपने पति को जान से मारने के बारे में सोचा है।( हां)
-क्या आप सिर्फ अपने बच्चों की खातिर अपनी शादी बचाए हुए हैं।( नहीं)
-क्या आपने कभी अपने पति को धोखा देने के बारे में सोचा है।( हां)

इन 13 सवालों के जवाब में स्मिता ने सिर्फ सच बोला। बीच में अपना रुख साफ भी किया। लेकिन,जिस प्रश्न के जवाब में वो शो से हार गईं, वो था-

-क्या आप अपने पति के अलावा किसी दूसरे मर्द से शारीरिक संबंध बनाना चाहेंगी, अगर आपके पति को पता न चले तो...

स्मिता ने जवाब दिया-नहीं। यही जवाब उन्होंने शो से पहले पोलिग्राफिक टेस्ट के दौरान दिया था। लेकिन, जवाब गलत निकला। स्मिता अपने जीते पांच लाख रुपए फिर हार गईं। यहाँ उनके पति का चहेरा देखने लायक था एक तरफ़ स्मिता का जवाब दूसरी और हारी हुयी ५ लाख की रकम | स्मिता की माँ और बहेन भी पशोपेश में दिखे |
स्मिता ख़ुद येही सोच रही होगी की एसे सच से तो चुप रहेना ज्यादा फायेदेमंद होता |

इस शो के फॉर्मेट से जुड़ा एक सवाल यह है कि प्रतियोगी का पोलीग्राफिक टेस्ट क्या हॉट सीट पर बैठने से ऐन पहले होता है या एक-दो दिन पहले टेस्ट हो लेता है। अगर,टेस्ट ऐन पहले होता है,तो शायद प्रतियोगी के हौसले के कद्र करनी चाहिए। लेकिन,अगर टेस्ट दो-एक दिन पहले हो चुका होता है तो फिर शो का फॉर्मेट दर्शकों को उल्लू बनाने जैसा है।

इंसान की जिंदगी में एक लम्हे के कई सच होते हैं। ऐसे कई लम्हें होते हैं,जब वो पता नहीं क्या सोचता है। भावावेश में वो अपनी पत्नी,गर्लफ्रेंड को मारने के बारे में भी सोच सकता है,तो बॉस को गोली मारने की भी। अपने टीचर से ही मोहब्बत का अफसाना जुड़ता देखता है तो घर में चोरी की भी कल्पना करता है। लेकिन,क्या वो ऐसा करता है? नहीं क्यों ?? क्यों की एसा उसने केवल सोचा वोह भी भावावेश और येही सोच उसको एक आम इंसान बनती है जहाँ वोह सोच विचार के कदम उठता है | अब मान लो उसके यह विचार सब के सामने आ जाए तो ???

होगा न अनर्थ |

फ़िर कैसे हुआ " सत्यम शिवम् सुन्दरम " ????

न तो यह सच कल्याणकारी होगा और न ही सुंदर ................ क्यों की सच को सच बनाने के लिए दो लोगो की बेहद जरूरत होती है एक वोह जो सच बोल सके और एक सब से आहेम जो सच सुन सके ||

और हर बार एक ही जगह यह दोनों लोग मिल जाए यह जरूरी नहीं है !!!!!!!

फिलहाल,स्टार प्लस पर यह कार्यक्रम टीआरपी बटोरने में सफल हो सकता है क्योंकि इस तरह का कोई कार्यक्रम भारतीय टेलीविजन पर कभी नहीं आया और भगवान् न करे कभी दुबारा आए ||

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