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शुक्रवार, 31 जुलाई 2009

दीवाली तक रोशन होगा डीएसई


करीब सात वर्ष से सूने पड़े दिल्ली शेयर बाजार [डीएसई] को इस साल दीवाली तक फिर गुलजार करने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। डीएसई को शुरूआत में रोजाना 500 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।

शेयर बाजार को फिर सक्रिय करने पर अब तक करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर चुके डीएसई के अधिकारियों का दावा है कि इस बार कारोबार शुरू करने की घोषणा 'हवाई' साबित नहीं होगी। डीएसई के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी [सीईओ] एच एस सिद्धू ने कहा कि डीएसई में कारोबार दोबारा शुरू करने का काम तेजी से चल रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि अक्टूबर के मध्य तक डीएसई में एक बार फिर कारोबार होने लगेगा। उल्लेखनीय है कि कारोबार नगण्य रह जाने के कारण 2002 में डीएसई में कारोबार बंद कर दिया गया था। इस बीच डीएसई को शुरू करने की चर्चाएं कई बार हुईं, लेकिन योजनाएं कामयाब नहीं हुईं।

सिद्धू ने कहा कि हम दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए हाल के महीनों में 15 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं, हमारे लिए धन की कोई समस्या नहीं है। डीएसई ने नए सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर के लिए आईबीएम और साफ्टवेयर के लिए फाइनेंशियल टेक्नालाजी के साथ करार किए है। उन्होंने बताया कि डीएसई के पास नकदी और बैंकों में जमा रकम 80 करोड़ रुपये के आसपास है। डीएसई ने सदस्यता मुहिम भी शुरू की हुई है। एक्सचेंज में अभी 360 ब्रोकर सदस्य हैं और कुछ डिपाजिट बेस्ड ब्रोकर बनाने की योजना है।

डिपाजिट बेस्ड ब्रोकर से 5,00,000 लाख रुपये का शुल्क लिया जाएगा। सिद्धू ने कहा कि अभी तक हमें डिपाजिट बेस्ड ट्रेडिंग मेंबरशिप' [जमा आधारित ट्रेडिंग सदस्यता] के लिए 60 आवेदन मिल चुके हैं। हम ऐसे 150 डिपाजिट बेस ब्रोकरों को जोड़ना चाहते हैं। दिल्ली स्टाक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल ने कहा कि डीएसई में कारोबार फिर से शुरू करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, वह अच्छा संकेत है।

उन्होंने कहा कि कई कंपनियां ऐसी हैं, जो सिर्फ डीएसई में ही सूचीबद्ध हैं। डीएसई में कारोबार शुरू होने के बाद इन कंपनियों के निवेशकों को भी 'लिक्विडिटी' [लेन-देन की सहूलियत] मिलेगी। इस समय डीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या 2,800 से ज्यादा है। सिद्धू ने कहा कि हम क्षेत्रीय शेयर बाजारों को भी जोड़ने जा रहे हैं, जिससे वहां सूचीबद्ध कंपनियां डीएसई में भी ट्रेडिंग कर सकें। उन्होंने बताया कि इस बारे में हमारी लुधियाना, इंदौर, अहमदाबाद और जयपुर के स्टाक एक्सचेंजों से बातचीत हो चुकी है। कुछ अन्य क्षेत्रीय एक्सचेंजों से बात की जा रही है। डीएसई के सीईओ का कहना है कि दोबारा कारोबार शुरू होने पर हमने पहले छह माह तक यहां रोजाना 500 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है, जिसके एक साल में बढ़कर एक हजार करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

सिद्धू ने उम्मीद जताई कि तीन साल में डीएसई में रोजाना 3,000 करोड़ रुपये का लेन-देन होने लगेगा। डीएसई को उम्मीद है कि उसके यहां कारोबार फिर शुरू हो जाने के बाद उत्तर भारत के शेयर कारोबारी उसकी ओर रुख करेंगे।

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