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बुधवार, 29 जुलाई 2009

मौद्रिक नीति से मायूस हुआ बाजार


भारतीय रिजर्व बैंक [आरबीआई] द्वारा दरों में कोई तब्दीली न करने के फैसले से दलाल स्ट्रीट को मायूसी हुई है। बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स लगातार दूसरे दिन लुढ़क गया। यह मंगलवार को 43.10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 15331.94 पर बंद हुआ। एक दिन पहले यह 15375.04 अंक पर बंद हुआ था। इसी प्रकार नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8.20 अंक नीचे आकर 4564.10 पर बंद हुआ। सोमवार को यह 4572.30 अंक पर था।

आरबीआई ने अपनी तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो व रिवर्स रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2009-10 के लिए देश की विकास दर के पूर्वानुमान को भी 6 फीसदी पर बरकरार रखा है। इसकी वजह से निवेशकों ने बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ा दी।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ 15428.50 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 15463.46 अंक तक गया, तो नीचे में 15240.53 अंक तक लुढ़का। सत्र के दौरान निफ्टी ऊंचे में 4559.90 और नीचे में 4529.15 अंक के दायरे में रहा। बीएसई में बैंकिंग, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, तेल एंड गैस, आईटी, हेल्थकेयर व कैपिटल गुड्स वर्ग के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं रीयल एस्टेट, मेटल, पावर और पीएसयू कंपनियों के शेयर खासी मजबूती के साथ बंद हुए। सेंसेक्स के उलट बीएसई के मिडकैप व स्मालकैप सूचकांकों में क्रमश: 1.13 व 1.68 फीसदी की बढ़त रही। संवेदी सूचकांक में शामिल दो-तिहाई कंपनियों के शेयर बढ़त पर रहे, केवल 10 को नुकसान हुआ।

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