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मंगलवार, 28 जुलाई 2009

सेना के पास होगा हर अहम इमारत का ब्लूप्रिंट



मुंबई के आतंकी हमले में हाथ जलाने के बाद सरकार अब अपनी तैयारियों को हर तरह फूलप्रूफ बना लेना चाहती है। आतंक के खिलाफ कार्ययोजना को चाक-चौबंद बनाने के लिए सेना की भी मदद ली जा रही है। हिफाजत के इंतजाम मुकम्मल बनाने में जुटा गृह मंत्रालय, फौज की मदद से देश के उन महत्वपूर्ण धार्मिक, व्यावसायिक और पर्यटन स्थलों का 'सुरक्षा ब्लूप्रिंट' तैयार करवा रहा है जो आतंकियों के निशाने पर सकते हैं।

देश के चार शहरों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड [एनएसजी] के क्षेत्रीय केंद्र बनाने के बाद अब देश के विभिन्न इलाकों में तैनात सेना की स्पेशल फोर्सेज [एसएफ] यानी विशेष बल की बटालियनों को भी सक्रिय बनाने की तैयारी है। इस कड़ी में पश्चिमी क्षेत्र के लिए जिम्मेदार 10 पैरा का एक दल हाल ही में अहमदाबाद के अक्षरधाम मंदिर का ब्लूप्रिंट तैयार करने की गरज से मंदिर प्रांगण का मुआयना भी कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में सेना की टीम ने मंदिर का आकलन आतंकियों के नजरिए से किया। टीम ने मंदिर में प्रवेश और बाहर निकलने के रास्तों, भीड़ की मौजूदगी वाले स्थानों, गुप्त दरवाजों के साथ उन सभी जगहों का मुआयना किया, जो आतंकी हमले की स्थिति में अहम हो सकते हैं। गौरतलब है कि अहमदाबाद का अक्षरधाम मंदिर सितंबर 2002 में आतंकी हमले का निशाना बन चुका है।

सूत्रों के मुताबिक सेना की टीम न केवल गुजरात के बल्कि राजस्थान के कई इलाकों का भी दौरा कर ब्लूप्रिंट तैयार करने में जुटी है जिनके सहारे किसी भी आतंकी हमले की हालत में त्वरित और कारगर कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा देश के अन्य इलाकों में तैनात एसएफ की टीमों से भी इसी तरह के आकलन को कहा गया है। दूसरी ओर अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले से सबक लेते हुए मुंबई की भी संवेदनशील इमारतों और प्रतिष्ठानों का भी नए सिरे से ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। शहर में हाल ही में बने एनएसजी हब के साथ-साथ सघन आबादी वाले इलाकों में स्थित रिजर्व बैंक, स्टाक एक्सचेंज, कोलाबा स्थित पुलिस मुख्यालय और ऐसी ही अन्य संवेदनशील इमारतों का भी सुरक्षा ब्लूप्रिंट नए सिरे से तैयार किया गया है।

दरअसल, मुंबई आतंकी हमले के दौरान ताज होटल के नक्शे से एनएसजी कमांडो के नावाकिफ होने के कारण बहुत सारा कीमती वक्त तो बर्बाद हुआ ही, कमांडो आपरेशन भी लंबा खिंच गया। लिहाजा, गृह मंत्रालय के लिए सुरक्षा का नया मूलमंत्र यही है कि सेना हो या अ‌र्द्धसैनिक बल, आतंकियों को कमरतोड़ जवाब फौरन मिलना चाहिए। सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा बलों के बीच तालमेल की नई केमेस्ट्री के लिए देश में तैनात सेना की इंफेंट्री बटालियनों को भी आतंकी हमलों की हालत में पहले वार के लिए तैयार किया जाएगा।

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