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रविवार, 12 जुलाई 2009

मेट्रो हादसे की जांच के आदेश


मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली मेट्रो के एक निर्माणाधीन पुल के ढहने की घटना की जांच के आदेश देते हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान [एम्स] में इलाज के लिए भर्ती किए गए घायलों को देखने के लिए गई शीला ने इस हादसे में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान दिल्ली मेट्रो करेगा।

दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर के जमरूदपुर इलाके में हुई इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को जहां पांच पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी वहीं गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को दो दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं उन्हें 15-15 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। दीक्षित ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में विशेषज्ञ भी हैं।

उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि दिल्ली मेट्रो दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समुचित कार्रवाई करेगी।

दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में दीक्षित ने कहा कि यह तय करना दिल्ली मेट्रो का काम है कि क्या कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो की अब तक अच्छी प्रतिष्ठा रही है जिसे वह खराब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि वह कार्रवाई करेंगे।

क्या इस हादसे से मेट्रो की योजनाओं में विलंब होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसा नहीं सोचती। मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री किरण वालिया भी थी।

दीक्षित ने कहा कि संभवत: इस हादसे के बाद बहुत कुछ सुधार होगा। काम जारी रहेगा। लेकिन जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए और यह जिनकी भी लापरवाही है उन्हें सजा दी जानी चाहिए।

उनसे पूछा गया कि क्या अगले साल होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों के दबाव के चलते सुरक्षा मानकों से समझौता किया गया तो उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैं नहीं सोचती कि यह दुर्घटना काम के दबाव के कारण हुई। ऐसा नहीं है कि समय पर काम पूरा करने के लिए आप काम ठीक से न करें या सुरक्षा मानकों से समझौता करें।

दीक्षित ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दिल्ली मेट्रो परियोजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान पूरी सावधानी बरतेगी।

साथ ही, केंद्र ने भी कहा है कि दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त हो जाने के कारणों की जांच की जाएगी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत राय ने कहा कि हमारा विभाग जायजा लेगा और कारणों का पता लगाएगा। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।

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