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रविवार, 12 जुलाई 2009

दिल्ली मेट्रो का पुल गिरा, 5 की मौत , लंबी है मेट्रो हादसों की फेहरिस्त



दिल्ली मेट्रो का एक निर्माणाधीन पुल रविवार को ढहने से एक इंजीनियर सहित पांच व्यक्तियों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। आठ माह में पुल ढहने का यह दूसरा हादसा है।

सुबह करीब पांच बजे यह दुर्घटना लाजपतनगर के जमरूदपुर में लेडी श्रीराम कॉलेज के निकट पुल का खंभा गिर जाने के कारण हुई।

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने यहां संवाददाताओं को बताया कि तीन घायलों को जब अस्पताल लाया गया, तब उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मलबे में दबे दो व्यक्तियों ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में अन्य पंद्रह व्यक्ति घायल हुए हैं। मृतकों में परियोजना का ठेका लेने वाली कंपनी 'गेमोन इंडिया' का एक इंजीनियर और चार मजूदर शामिल हैं। इंजीनियर का नाम अंशुमान है। अन्य मृतकों के नामों का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

दिल्ली मेट्रो के अनुसार, दुर्घटना खंभे के डिजाइन की समस्या के चलते हुई। दयाल ने बताया कि हम इस समस्या को दूर करने के लिए प्रयासरत हैं। खंभे के ऊपरी हिस्से में खामी है, जिसकी वजह से पुल ढहा।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दुर्घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के परामर्श से क्षतिपूर्ति पैकेज दिया जाएगा।

ऐसी ही दुर्घटना पिछले साल अक्तूबर में हुई थी, जब पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में विकास मार्ग पर निर्माणाधीन मेट्रो पुल का एक हिस्सा ढह गया था और एक बस इसकी चपेट में आ गई थी। इस हादसे में दो व्यक्ति मारे गए थे और 16 घायल हो गए थे। इस दुर्घटना के अगले दिन दिल्ली मेट्रो ने एक सहायक इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया था, एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया था और ठेकेदार कंपनी 'एफकोन्स' पर दस लाख रुपये का जुर्माना किया था।

आज हुई दुर्घटना से क्षेत्र में पानी भर गया क्योंकि खंभा पानी की पाइपलाइन पर गिरा, जिससे वह फूट गई। इसकी वजह से यातायात को दूसरी ओर मोड़ना पड़ा। बचाव कार्य के दौरान बिजली की आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी थी। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में पानी की आपूर्ति कल तक ही बहाल की जा सकेगी क्योंकि उन्हें उस जगह की पहचान करनी होगी जहां पाइपलाइन फूटी है।

दयाल ने बताया कि सड़क से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि कल सुबह तक यातायात बहाल किया जा सके। दुर्घटना के बारे में आवश्यक सूचना देने के लिए आज एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। दयाल ने बताया कि हेल्पलाइन 011-23414461 चालू कर दी गई है, जिससे लोगों को हादसे के बारे में सूचना दी जा सकेगी।

एक मजदूर ने बताया कि जिस समय दुर्घटना हुई, वहां करीब 30 व्यक्ति काम कर रहे थे। उसने बताया कि सपोर्ट सिस्टम में कुछ गड़बड़ी थी जिसकी वजह से वह वजन नहीं सह पाया और ढह गया। दुर्घटना में बाल बाल बच गए एक मजदूर ने बताया कि मैं किनारे खड़ा था। अचानक मुझे कोई चीज लगी और मैं गिर पड़ा।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सुबह पांच बजे उसने तेज आवाज सुनी और सोचा कि शायद कोई बम फटा है या भूकंप आया है। 'मैं वहां पहुंचा तो देखा कि पुल ढह गया है।'

एक अन्य निवासी कुलदीप ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने पूर्व में खंभे पर दो दरारें देखी थीं और अधिकारियों को इसके बारे में सूचना भी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि 15 व्यक्तियों को एम्स के ट्रामा सेंटर में लाया गया जिनमें से तीन को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है। एक घायल का आपरेशन किया जा रहा है। दो घायलों को मूलचंद अस्पताल ले जाया गया। उनमें से एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए [लापरवाही के कारण मृत्यु] के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में किसी का नाम नहीं लिखा गया है।

इस हादसे से पहले भी दिल्ली मेट्रो से जुड़ी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

19 अक्टूबर, 2008- पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में मेट्रो का निर्माणाधीन पुल गिरने से कम से कम दो लोग मारे गए। इस हादसे में एक बस, एक ट्रक, एक क्रेन और कुछ कारें क्षतिग्रस्त हो गई।

30 सितंबर, 2008- चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर पुलिसकर्मी तीन कैदियों को लेकर जा रहे थे। उतरते समय मेट्रो के दरवाजे में फंस जाने से एक कैदी की मौत हो गई।

18 जुलाई, 2008- राममनोहर लोहिया अस्पताल के निकट मेट्रो के निर्माणाधीन स्थल पर लोहे की एक बिम एक टावेरा कार पर गिर गई। इस हादसे में चालक मनोज सहित दो लोग घायल हो गए।

21 जनवरी, 2008- लक्ष्मी नगर में एक मेट्रो के निर्माणाधीन स्थल पर हुए हादसे में विजय मंडल नामक एक मजदूर की मौत हो गई।

28 अगस्त, 2007- पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में मेट्रो के निर्माणाधीन स्थल पर एक पत्थर गिरा और उसके नीचे दब जाने से बी. सिंह नाम के एक मजदूर की मौत हो गई।

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